आर्ट गैलरी में उतरी रामायण की जीवंत झांकी

जबलपुर। मानस भवन, जबलपुर की आर्ट गैलरी रविवार को उस समय आध्यात्मिक रंगों और सांस्कृतिक वैभव से सराबोर हो उठी, जब रामायण पर आधारित भव्य कला प्रदर्शनी “राम के रंग तुलिका के संग” का शुभारंभ हुआ। गैलरी में प्रवेश करते ही श्रीराम की मर्यादा, सीता की करुणा, हनुमान की भक्ति और रामकथा की जीवंत छवियां दर्शकों को मानो युगों की यात्रा पर ले जाती प्रतीत हुईं। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर ज्ञानेश्वरी दीदी एवं अलका बिश्नोई ने उनका आत्मीय स्वागत किया। उद्घाटन के साथ ही पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, महापौर जगतबहादुर सिंह अन्नु, सांसद आशीष दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संतगण और धर्मप्रेमी नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन अध्यक्ष अजय बिश्नोई और आयोजन सचिव डॉ. अखिलेश गुमाश्ता ने अतिथियों का स्वागत किया।यह प्रदर्शनी आमजन के लिए प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं 7 बजे तक खुली रहेगी, जबकि 2, 3 और 4 जनवरी 2026 को यह सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शकों के लिए उपलब्ध रहेगी। आयोजन समिति के संकेत मलैया, पवित्र मिश्रा, विद्येश भापकर, अतुल मनोध्याय सहित अन्य सदस्यों ने संस्कारधानी के धर्मप्रेमी नागरिकों से इस अद्वितीय रामायण आधारित कला प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की है।

देश-विदेश की कलाशैलियों में सजी रामकथा

प्रदर्शनी प्रभारी शैलजा सुल्लेरे ने बताया कि इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र , नई दिल्ली से प्राप्त दुर्लभ कृतियों सहित देश-विदेश की विविध कलाशैलियों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।गोंड जनजाति की गोंड रामायनी, पश्चिम बंगाल की पटचित्र कला, तेलंगाना की नक्शी डॉल, बनारस व सरायकेला के मुखौटे, आंध्र, केरल व इंडोनेशिया की छाया पुतली कला दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रही है।

विशेष कलाकृतियां बनी आकर्षण का केंद्र

ज्ञानेश्वरी दीदी की कांगड़ा व राजस्थान शैली की मिनिएचर पेंटिंग्स, अनुश्री बिश्नोई द्वारा धनुष पर उकेरा गया संपूर्ण सुंदरकांड, डॉ. रूपरेखा चौहान के ओरछा के भगवान राजाराम पर आधारित पेन स्केच और मधुबनी चित्र, साथ ही स्थानीय कलाकारों की रियलिस्टिक, तंजौर और केरल म्यूरल शैली की कृतियां दर्शकों को ठहरकर देखने पर विवश कर रही हैं।

रामनामी संप्रदाय की विशिष्ट झलक

छत्तीसगढ़ के रामनामी संप्रदाय की विशिष्ट पेंटिंग्स प्रदर्शनी में आध्यात्मिक गहराई का विशेष आयाम जोड़ रही हैं। रामनाम की साधना को चित्रों में साकार रूप में देख दर्शक भाव-विभोर हो उठे।

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