भिंड: जिले में सवर्ण समाज और भीम आर्मी के बीच लंबे समय से चला आ रहा सामाजिक और वैचारिक टकराव एक बार फिर गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है. पुलिस अधीक्षक डॉ असित यादव द्वारा शांति बनाए रखने की चेतावनी दिए जाने के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो सके हैं. ताजा विवाद शिवपुरी जिले के खनियाधाना गांव में मनुस्मृति जलाए जाने की घटना के विरोध से जुड़ा है, जिसने पूरे अंचल में सामाजिक तनाव को और भड़का दिया है.
खनियाधाना गांव में मनुस्मृति जलाए जाने की घटना के बाद परशुराम सेना और सवर्ण समाज के लोग आक्रोशित हो गए. इसके विरोध में भिंड में जोरदार प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि धार्मिक ग्रंथों के अपमान पर सरकार चुप्पी साधे हुए है.
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब परशुराम सेना से जुड़े कुछ पदाधिकारियों द्वारा अम्बेडकरवादी विचारधारा से जुड़ी एक आत्मकथा को जलाने का प्रयास किया गया. जैसे ही आत्मकथा जलाने की कोशिश शुरू हुई, मौके पर मौजूद पुलिस बल हरकत में आ गया और तत्काल हस्तक्षेप किया. इस दौरान पुलिस और परशुराम सेना के पदाधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और छीना-झपटी भी हुई. मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए हालात बेकाबू होते नजर आए.
थाना प्रभारी बृजेन्द्र सेंगर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालते हुए आत्मकथा को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया गया, लेकिन घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया. अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे.
