भोपाल: वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पूर्व मंत्री एवं मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी डॉ. मुकेश नायक ने शनिवार सुबह अपने पद से इस्तीफा दे दिया। डॉ. नायक ने अपना इस्तीफा स्वयं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को उनके निवास पर सौंपा, जिसके बाद पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, डॉ. नायक ने हाल ही में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के दौरान अपने संबोधन में इस निर्णय के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि अब समय आ गया है कि वरिष्ठ नेता अपने पद खाली करें और नई पीढ़ी को आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालने का अवसर मिले, ताकि संगठन में पीढ़ीगत बदलाव सुनिश्चित हो सके।
हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस्तीफे के पीछे इसके अलावा भी अहम कारण रहे हैं। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर 13 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इसके अगले दिन प्रभारी महासचिव अभय तिवारी की ओर से जारी एक अन्य पत्र में कहा गया कि उक्त समिति अधिकृत नहीं है और उसे विशेष रूप से प्रस्तावित ‘टैलेंट हंट’ कार्यक्रम से जुड़े किसी भी प्रकार के कार्य करने का अधिकार नहीं है। इन परस्पर विरोधी पत्रों से संगठन के भीतर भ्रम और असहजता की स्थिति पैदा हो गई।
सूत्रों के मुताबिक, वरिष्ठ नेताओं के बीच इस तरह के तालमेल की कमी से पार्टी के आंतरिक ढांचे और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर भी असर पड़ने लगा था, हालांकि वरिष्ठ कैडर स्थिति को संभालने का प्रयास कर रहे थे। इस बीच संगठन महासचिव संजय कमले ने डॉ. नायक से बातचीत कर उन्हें इस्तीफा न देने के लिए मनाने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि सभी निर्णय पार्टी की परंपराओं और नियमों के अनुसार होंगे।
इसके बावजूद डॉ. मुकेश नायक अपने इस्तीफे के फैसले पर अडिग रहे। इस संवाददाता द्वारा उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला।
