नयी दिल्ली (वार्ता) उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद ने बढ़ते वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण के मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि पर्यावरण बचेगा, तो जीवन बचेगा, नहीं सब कुछ नष्ट हो जाएगा।
स्वामी चिदानंद ने शुक्रवार 28 दिसंबर को यहां गांधी दर्शन संग्रहालय में आयोजित होने वाले यमुना संगम कार्यक्रम को लेकर कहा कि मौजूदा समय में दिल्ली के सियासी गलियारों में बहुत सारे मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उनमें अरावली, प्रदूषण और यमुना नदी की सफाई जैसे कई मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये अहम हैं और इन पर चर्चा होना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है। यदि पर्यावरण ही नहीं बचेगा, तो कुछ भी नहीं बचेगा। इसे बचाना जरूरी है। उन्होंने कहा, “पर्यावरण को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। सरकार अपने स्तर पर इसे बचाने के लिए काम कर रही है। सामाजिक संस्थाएं भी इस दिशा में काम कर रही है, लेकिन इसे बचाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर से काम करना पड़ेगा।”
उन्होंने कहा कि पर्यावरण और युमना नदी की सफाई और इसके तटों को हरा-भरा करने के मुद्दे पर उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है। उन्होंने कहा, “मैंने दोनों नेताओं के साथ पर्यावरण और जल को बचाने के लिए गहन चर्चा की है और दोनों नेता भी इस मुद्दे पर गंभीर हैं।”
उन्होंने बताया कि पर्यावरण और जल संरक्षण के मुद्दे को लेकर ही यमुना परिवार काउंसिल और गांधी स्मृति एवं दर्शन संयुक्त रूप से 28 दिसंबर को यमुना संगम आयोजन कर रहे हैं, जिसमें केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री और हरियाणा के मुख्य मंत्री नायब सिंह सैनी समेत समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे।
