ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं में शुक्रवार को वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर एक दिवसीय जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अन्तर्गत ग्रंथालय एवं सूचना विज्ञान अध्ययनशाला एवं सेन्ट्रल लाईब्रेरी में कार्यक्रम हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रो.आईके पात्रो, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. जेएन गौतम, विभागाध्यक्ष प्रो. हेमन्त शर्मा एवं अन्य शिक्षक, अतिथि शिक्षक व छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. पात्रो ने वन्दे मातरम् गीत की रचना एवं स्वतंत्रता संग्राम में वंदे मातरम गीत के प्रभाव के बारे में जानकारी दी। प्रो.जेएन गौतम ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर गीत की उत्पत्ति एवं भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा एवं देशवासियों को एक सूत्र में बांधने के बारे में बताया। इसके साथ ही वनस्पति अध्ययनशाला में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजित किया गया जिसमें प्रो.अशोक जैन, विभागाध्यक्ष प्रो.एमके गुप्ता, प्रो. सपन पटेल उपस्थित रहे।इसी क्रम में प्रबन्ध अध्ययनशाला एवं प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व अध्ययनशाला में भी वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सम्पूर्ण वन्दे मातरम् गीत का गायन किया गया।
