नयी दिल्ली, 26 दिसंबर (वार्ता) जेन-जेड हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान नेपाल की जेलों से भागे लगभग 80 कैदियों को पकड़ लिया गया है और पड़ोसी मुल्क के संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि इस साल सितंबर में जेन-जेड प्रदर्शनकारियों द्वारा विभिन्न कारागारों से निकाले गये लगभग 80 कैदी सीमा पार कर भारत में शरण लेने की कोशिश कर रहे थे, जिनमें से कुछ ने फर्जी नामों का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने कहा, “उन्हें सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने रोका या कुछ मामलों में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उनका पता लगाया और उन्हें उनके छिपने की जगह से गिरफ्तार किया।”
सूत्रों ने भारत और नेपाल की लगभग 1750 किमी लंबी सीमा खुली हुयी है। सूत्रों ने बताया कि एसएसबी की सतर्कता और सुरक्षा बलों द्वारा चौबीसों घंटे निगरानी की वजह से उन्हें पकड़ लिया गया।
सूत्रों ने कहा, “उन्हें एसएसबी के जवानों ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से लगी भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा।” सूत्रों ने कहा कि एसएसबी भारत-नेपाल सीमा पर किसी भी अप्रिय गतिविधि को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रख रही है, और जब हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हुए तो उसने निगरानी बढ़ा दी थी।
सूत्रों ने बताया कि नेपाल से भागे कुछ कैदी ब्राजील, नाइजीरिया, बंगलादेश जैसे देशों के नागरिक हैं। उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर पड़ोसी देश में सितंबर महीने में हुए हिंसक युवा विरोध प्रदर्शनों के बीच जेल तोड़ने की घटनाएं हुई थीं।
इस बीच, भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा तंत्र को मज़बूत करने और आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए एसएसबी ने इस महीने की शुरुआत में सात दिसंबर को नेपाल पुलिस (एपीएफ) के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की थी, जिसमें दोनों देशों से जुड़े ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा की गई थी। भारत-नेपाल सीमा खुली होने के कारण यह ड्रग्स तस्करी, जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों के साथ-साथ अपराधियों और आतंकवादियों के आने जाने के लिहाज से भी संवेदनशील है।
