
इंदौर। शहर में सामने आए लव जिहाद और सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. पीड़िता के साथ की गई हैवानियत सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि समाज और सिस्टम दोनों पर बड़ा सवाल है. मामले को लेकर करणी सेना ने खुलकर आक्रोश जताया है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
उसे लंबे समय तक शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. आरोप है कि उसे नशीला पदार्थ एमडी खिलाकर बार-बार गैंगरेप किया. इस पूरे घटनाक्रम को संगठित तरीके से अंजाम दिया, जिसमें कई लोग शामिल रहे.
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि पीड़िता का गर्भपात इंदौर के दो अलग अलग निजी अस्पतालों में कराया. एक गर्भपात स्कीम नंबर 114 स्थित सर्वोत्तम अस्पताल में और दूसरा बापट चौराहा स्थित नहर अस्पताल में कराया. इस तथ्य ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. करणी सेना का कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि गर्भपात किसकी सहमति से और किन हालात में कराया. पीड़िता ने यह भी आरोप लगाए हैं कि दुष्कर्म के बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई. 3 से 4 युवकों ने मिलकर उसे धमकाया और चुप रहने का दबाव बनाया. आरोप है कि मुख्य आरोपी एजाज खान अपने दोस्तों के साथ मिलकर पीड़िता के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म करवाता था. हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब पीड़िता के चार साल के बच्चे के सामने किया और बच्चे के साथ भी मारपीट की गई. करणी सेना का कहना है कि यह मामला केवल दुष्कर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे मानसिक उत्पीड़न, दबाव और सुनियोजित साजिश है. संगठन ने प्रशासन से स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए. करणी सेना ने मांग की है कि सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, गर्भपात से जुड़े दोनों अस्पतालों की भूमिका की जांच हो, पीड़िता को पूरी सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर मामले को दबाने या आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई, तो करणी सेना सड़क से लेकर प्रशासनिक कार्यालयों तक आंदोलन करेगी. इस दौरान करणी सेना हिंदूवादी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मानसिंह राजावत, नितिन सिंह ठाकुर, अंकित विश्वकर्मा सहित अन्य शामिल थे. संगठन ने साफ कहा कि बेटियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा.
