सीहोर। जिले का खारी ग्राम होमस्टे पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है. प्राकृतिक वातावरण, ग्रामीण संस्कृति और आतिथ्य के कारण यह होमस्टे पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है.
कलेक्टर बालगुरुके ने खारी ग्राम स्थित होमस्टे का अवलोकन किया. इस दौरान उन्होंने होमस्टे की व्यवस्थाओं, पर्यटकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं स्थानीय लोगों की सहभागिता की जानकारी ली. कलेक्टर ने होमस्टे संचालकों चर्चा करते हुए कहा कहा कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गुणवत्ता, स्वच्छता और अतिथि सत्कार पर विशेष ध्यान दिया जाए. उन्होंने कहा कि होमस्टे से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है. मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन द्वारा ऐसे नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे जिले की पर्यटन संभावनाओं को और विस्तार मिल सके. मध्यप्रदेश पर्यटन ने होम स्टे योजना की शुरुआत कर स्थानीय युवाओं और परिवारों को इस क्षेत्र से जोडऩे का प्रयास किया है. इसके तहत जिले के खारी गांव सहित भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खजुराहो, ओरछा, मांडू, पचमढ़ी, पन्ना, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों के आस-पास तेजी से होम स्टे विकसित हो रहे हैं. खारी गांव आज ग्रामीण होम स्टे पर्यटन का एक उदाहरण बन चुका है. यहां लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए खोल रहे हैं.
पर्यटक यहां ठहरकर ग्रामीण जीवन, खेत-खलिहान, और पारंपरिक खानपान व लोक संस्कृति का आनंद ले रहे हैं. कई पर्यटकों ने बताया कि खारी गांव की सादगी, आत्मीयता और प्राकृतिक सौंदर्य उन्हें पसंद आ रहा है. यही सौंदर्य अब विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित कर रहा है. गांव की महिलाएं अपने पारंपरिक व्यंजन जैसे दाल-बाटी, मिठाई, चाय और पारंपरिक व्यंजन परोसकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं। गांव के युवा गाइड बनकर गांव की कहानी, खेती-किसानी की जानकारी और लोकगीतों का अनुभव कराते हैं. होमस्टे पर्यटन से खारी गांव में स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिला रहा है और यहां के परिवारों को आय का स्रोत मिला गया है. होम स्टे पर्यटन स्थानीय स्तर पर रोजगार तो उपलब्ध करा रहा है.
