नयी दिल्ली, 24 दिसंबर (वार्ता) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एजेंसी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) प्रायोजित राजमार्ग इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीइट) को पूंजी बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (इन्विट) के रूप में कामकाज करने की मान्यता मिल गयी है। यह जानकारी मंत्रालय की बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में दी गयी है।
एनएचएआई ने अपनी परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना को सुदृढ़ करने के लिए इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट को इन्विट के रूप में सेबी में पंजीकृत कराया है। इससे उसके इस इन्विट को खुदरा और घरेलू निवेशकों से दीर्घकालिक पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी।
मंत्रालय ने इसे राष्ट्रीय राजमार्ग विकास की यात्रा में सार्वजनिक भागीदारी को व्यापक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
एनएचएआई ने प्रमुख बैंकों और वित्तीय संस्थानों की इक्विटी भागीदारी के साथ एक सहयोगी उद्यम के रूप में स्थापित राजमार्ग इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड को रीइट के लिए निवेश प्रबंधक के रूप में गठित किया था। इनमें भागीदार बैँकों में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, नाबफिड (नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं डेवलममेंट), एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व वेंचर्स लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, इंडसइंड बैंक और यस बैंक शामिल हैं।
एनएचएआई के सदस्य (वित्त) एन.आर.वी.वी.एम.के. राजेंद्र कुमार इस निवेश प्रबंधक कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (अतिरिक्त प्रभार) होंगे।
एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा, ” रीइट के लिए सेबी की मंज़ूरी भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना विकास में सार्वजनिक भागीदारी को विस्तार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राजमार्ग इन्फ्रा इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट लिमिटेड की वरिष्ठ नेतृत्व टीम अत्यंत अनुभवी और दक्ष पेशेवरों से युक्त है, जो इस पहल को आगे बढ़ाने और जनता के लिए सार्थक दीर्घकालिक निवेश अवसर सृजित करने में सक्षम है। यह विकास एनएचएआई के परिसंपत्ति मुद्रीकरण उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में एक अहम कदम है और साथ ही देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को और मजबूत करेगा।”
