सारनी: बीती रात सूखाढाना एवं सलैया के बीच टाइगर की लोकेशन मिली है. टाइगर की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पंहुच कर सर्चिंग की है. वन विभाग के अधिकारी टाइगर के देखे जाने की बात से पल्ला झाड़ रहे है. बताया जाता है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के जंगल से एक बार फिर टाइगर का मूवमेंट सूखा ढाना एवं सलेया के आसपास देखने कों मिला है.जानकर लोगो का मानना है कि विगत एक पख़वाड़े से टाइगर ने राख बांध,सलेय्या एवं ड्रिलिंग केंप के पास अपना डेरा बना लिया है.
बताया जाता है कि टाइगर कों कई स्थानों पर देखे जाने की सूचना पर स्थानीय वन विभाग की टीम ने सर्च भी किया है.कई जगहों पर टाइगर के पग मार्क मिले है. गौरतलब है कि चूरना के जंगल से सारनी के राख बांध तक टाइगर ने अपनी चहल पहल जारी रखी है. इसे टाइगर की टेरा टेरी भी कहा जाता है.जहां पर अक्सर टाइगर का मोमेंट बना रहता है.हालांकि करीबन सात दिनों मे किसी जानवर के कील यानी शिकार करने की सुचना नहीं मिली है.
जानकर लोगो का मानना है कि नपा क्षेत्र में आवारा पशुओं की भरमार है. इसी वजह से पशुओं के कील या शिकार की सूचना नहीं मिल पा रही है. ग्रामीण क्षेत्र में किसानों के पास पालतू पशुओं का टाइगर शिकार करता है तो सूचना मिल जाती है.वनप्राणियों की खोज खबर रखने वाले आदिल खान ने कहा कि लम्बे समय से इस क्षेत्र में टाइगर का मूवमेंट बना हुआ है. टाइगर होने की जानकारी के बाद स्थानीय वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी के लोकेशन की जानकारी जुटा रहे है. इस क्षेत्र से टाइगर को दो से तीन बार टेंकुलाइज़ यानी बेहोश करके पकड़ा जा चूका है.
