
इंदौर। लोगों के पैसे को फंसाने वाले बड़े ऑनलाइन सट्टा और डब्बा ट्रेडिंग रैकेट का सरगना विशाल अग्निहोत्री अब जांच के घेरे में है. ईडी ने मामले में 22 दिसंबर, 2025 को विशेष अदालत पीएमएलए में उसके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज कराई. जांच में सामने आया कि विशाल अग्निहोत्री ने इंदौर में अपने गिरोह के जरिए अवैध प्लेटफॉर्म चलाकर करोड़ों रुपए कमाए.
ईडी की अधिकृत जानकारी के अनुसार जांच में पता चला कि विशाल अग्निहोत्री ने अपने नेटवर्क के जरिए इंदौर के कई लोगों को जाल में फंसाया. तरुण श्रीवास्तव ने वित्तीय लेन देन और म्यूले अकाउंट संभाले, जबकि श्रीनिवासन रामासामी ने प्लेटफॉर्म के सर्वर इस तरह तैयार किए कि ट्रेडिंग के नतीजे पूरी तरह दिखावटी और मनमाने दिखाई दें. सट्टा नेटवर्क में धवल देवराज जैन और धर्मेश त्रिवेदी ने गुप्त और ऑफशोर प्लेटफॉर्म संचालित किए, वहीं निधि चंदनानी ने फंड मूवमेंट और लेयरिंग का जिम्मा उठाया. जांच में यह भी सामने आया कि वी मनी और 8 स्टॉक हाईट जैसे प्लेटफॉर्म पर केवल दिखावटी ट्रेडिंग होती थी, जबकि लोटस बुक 247 और 11 स्टॉर्स जैसे प्लेटफॉर्म नकली अकाउंट और एन्क्रिप्टेड संचार के जरिए संचालित किए जा रहे थे. ईडी ने अवैध गतिविधियों से 404.46 करोड़ रुपए की आमदनी का पता लगाया. इसके साथ ही 34.26 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच किया. इसमें 28.60 करोड़ की अचल संपत्ति, 3.83 करोड़ की चल संपत्ति और 1.83 करोड़ बैंक या डेमैट खाते शामिल हैं. तलाशी के दौरान 5.21 करोड़ रुपए नकद, 59.9 किलो सीलवर बार, 100 ग्राम गोल्ड बार, 1.94 करोड़ के आभूषण और 4.77 करोड़ की लग्जरी घड़ियां बरामद हुईं. इसके अलावा 0.41 करोड़ रुपए से अधिक क्रिप्टोकरेंसी भी फ्रीज की गई.
