
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन विज़न डॉक्यूमेंट और चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के बजाय सरकार जनता को गुमराह कर रही है।
प्रदेश में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के दौरे का स्वागत करते हुए पटवारी ने मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर पाँच सीधे सवाल उठाए। उन्होंने नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों में निजी भागीदारी पर सवाल खड़े किए और छिंदवाड़ा में दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। इसके अलावा इंदौर के शासकीय अस्पताल में बच्चों को चूहों द्वारा काटे जाने जैसी अमानवीय घटनाओं की कड़ी निंदा की। पटवारी ने कथित ‘साइंस हाउस’ घोटाले में फर्जी जांचों के जरिए सरकारी धन की लूट का मुद्दा भी उठाया तथा मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी पर सवाल किए।
उन्होंने कहा कि ज़हरीली दवाएं, एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने, आईसीयू में आग लगने और नवजातों की उपेक्षा जैसी घटनाएं सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती हैं। पटवारी का दावा है कि यदि 23,535 करोड़ रुपये के स्वास्थ्य बजट का ईमानदारी और पारदर्शिता से उपयोग किया जाए, तो प्रदेश के हर नागरिक को मुफ्त इलाज संभव है।
प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वह इलाज, न्याय और सुरक्षा देने के बजाय प्रतीकात्मक मुद्दों में उलझी हुई है। पटवारी ने आरोप लगाया कि पहले बनाए गए शासकीय अस्पतालों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है और चेतावनी दी कि प्रदेश अघोषित स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति से गुजर रहा है, जिस पर सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
