नई दिल्ली/मुंबई। 23 दिसंबर, 2025। केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (ACC) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते को तत्काल प्रभाव से उनके मूल कैडर महाराष्ट्र में वापस भेजने की मंजूरी दे दी है। 1990 बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी दाते को केंद्र और राज्य स्तर पर एक सख्त और निष्पक्ष छवि के लिए जाना जाता है। एनआईए प्रमुख के रूप में उनके सफल कार्यकाल के बाद, उन्हें वापस राज्य बुलाना प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। उनके नेतृत्व में एनआईए ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों में कई बड़ी सफलताएं हासिल की हैं।
महाराष्ट्र की वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) रश्मि शुक्ला का कार्यकाल आगामी 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में सदानंद दाते का नाम अगले डीजीपी के रूप में सबसे प्रबल दावेदार बनकर उभरा है। जनवरी में होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनावों को देखते हुए राज्य को एक ऐसे अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता है जो कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रख सके। जानकारों का मानना है कि दाते की नियुक्ति से आगामी चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने में मदद मिलेगी। उनका प्रशासनिक अनुभव और पुलिस बल पर उनकी पकड़ राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक सकारात्मक कदम साबित होगी।
सदानंद दाते की पहचान केवल एक कुशल प्रशासक की नहीं, बल्कि एक बहादुर योद्धा की भी है। 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान उन्होंने ‘कामा एंड अल्ब्लेस’ अस्पताल में आतंकवादी अजमल कसाब और उसके साथियों का अकेले मुकाबला किया था। उस भीषण मुठभेड़ में वे गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उनके अदम्य साहस ने कई निर्दोषों की जान बचाई थी। उनके इसी अटूट साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण के कारण उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। अब उनकी वापसी से महाराष्ट्र पुलिस का मनोबल बढ़ेगा और सुरक्षा तंत्र को एक नया और अनुभवी दृष्टिकोण प्राप्त होगा।

