भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय अष्टम सत्र आज आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने के विषय पर व्यापक चर्चा होगी। इस सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीते दो वर्षों में सरकार द्वारा किए गए कार्यों और प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी सदन के समक्ष रखेंगे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और जनप्रतिनिधि भी चर्चा में भाग लेंगे।
यह सत्र विशेष रूप से प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित रहेगा। चर्चा के दौरान शहरी एवं ग्रामीण विकास, उच्च एवं स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य, आयुष और चिकित्सा शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पेयजल सुरक्षा, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन, रोजगार, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, संस्कृति और विरासत जैसे विषय शामिल होंगे। इसके अलावा कृषि, सहकारिता, पशुपालन, आंतरिक सुरक्षा, नक्सल एवं साइबर थाना, आर्थिक प्रगति, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, बजट, पूंजीगत विकास, अधोसंरचना निर्माण तथा अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण पर भी सदस्यों द्वारा अपने विचार रखे जाएंगे।
सरकार इस अवसर पर प्रदेश के विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों, हालिया योजनाओं की प्रगति, अधोसंरचना विस्तार, निवेश और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर अपना दृष्टिकोण प्रस्तुत करेगी। चर्चा में पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक भाग लेंगे।
विशेष सत्र विधानसभा की 69वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 17 दिसंबर 1956 को मध्यप्रदेश विधानसभा की पहली बैठक हुई थी। इससे पहले बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विशेष सत्र के दौरान लगने वाली प्रदर्शनी स्थल का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विधानसभा की सात दशक की यात्रा पर आधारित इस चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन राज्यपाल मंगुभाई पटेल द्वारा किया जाएगा।
