नयी दिल्ली 13 सितंबर (वार्ता) केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अल्पसंख्यक युवाओं, महिलाओं और सभी समुदायों के लाभ के लिए नई दृष्टि के साथ हम नीतियों में बदलाव ला रहे हैं।
श्री रिजिजू ने शनिवार को यहाँ अल्पसंख्यक कल्याण के लिए राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा,“एक नई दृष्टि के साथ, हम नीतियों में बदलाव ला रहे हैं और पहले की पहलों को अधिक गति से आगे बढ़ा रहे हैं, विशेष रूप से अल्पसंख्यक युवाओं, महिलाओं और सभी समुदायों के लाभ के लिए।”
श्री रिजिजू ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अल्पसंख्यक समुदायों के विकास और लाभ के लिए सुधार रोडमैप तैयार करने में प्रतिनिधियों के सुझाव आवश्यक हैं।
सम्मेलन में आठ राज्यों के मंत्रियों ने भाग लिया, जिनमें बिहार से मोहम्मद ज़मा खान, महाराष्ट्र से एडवोकेट मणिलकराव कोकाटे, नागालैंड से इमकोंगमार, ओडिशा से नित्यानंद गोंड, तमिलनाडु से एस.एम. नासर, त्रिपुरा से शुक्ला चरण नोआतिया, उत्तर प्रदेश से ओम प्रकाश राजभर और अरुणाचल प्रदेश से केंटो जिनी शामिल हुए।
सम्मेलन में राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के मंत्रियों और सचिवों ने पूरे भारत में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण के लिए योजनाओं के कार्यान्वयन को मजबूत करने के लिए सुझाव साझा किए।
अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने सभी हितधारकों से सेवाओं की कुशल आपूर्ति और सतत विकास सुनिश्चित करने के लिए ‘सुधार, प्रदर्शन, परिवर्तन और सूचना’ के मंत्र का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) और प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) जैसी चल रही योजनाएँ अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कौशल विकास और बुनियादी ढाँचे के विकास को बढ़ावा दे रही हैं।
