
इंदौर. सांवेर क्षेत्र से लापता हुए युवक की मौत का मामला अब उलझता जा रहा है. शव मिलने के बाद जहां पुलिस इसे आत्महत्या की दिशा में देख रही है, वहीं परिजन इस थ्योरी को सिरे से खारिज कर रहे हैं. परिवार का कहना है कि हालात और घटनाक्रम किसी बड़े अनहोनी की ओर इशारा कर रहे हैं. मामले में पुलिस जांच कर रही है.
मामला भवानी नगर सांवेर से लापता हुए महावीर चुण्डावत का है, जो मुल रुप से राजस्थान के राजसमंद में रहने वाला था. 30 नवंबर की रात इंदौर से अपने घर के लिए निकला था. उसकी शादी 10 दिसंबर को तय थी परिजनों से जैसा कि पुलिस को बताया कि वह खुद शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था. लेकिन 8 दिसंबर को उसका शव झारखंड के रामगढ़ थाना क्षेत्र में मिला, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. शव की सूचना मिलने पर महावीर का भाई मानवीर अकेला ही रामगढ़ पहुंचा. वहां पुलिस ने बताया कि मृतक के पास केवल वही कपड़े थे, जो उसने पहने हुए थे. न तो उसके दस्तावेज मिले और न ही वह सामान, जिसे वह कमरे से घर ले जाने के लिए निकला था. उसका मोबाइल भी टूटा हुआ मिला, जिसकी पहचान ईएमआई नंबर के आधार पर की गई थी. इसी के जरिए पुलिस ने परिवार से संपर्क किया था. परिजनों का पुलिस को यह भी कहना है कि महावीर आत्महत्या नहीं कर सकता. भाई मानवीर ने पुलिस को बताया कि आखिरी बार उसकी बात पिता से हुई थी, जिसमें उसने कहा था कि वह एक दिसंबर की सुबह तक घर पहुंच जाएगा. इससे पहले 26 नवंबर को उसने बहन से भी बात कर शादी के लिए पसंद के कपड़े खरीदने को कहा था. परिवार का दावा है कि जिस मानसिक स्थिति में वह था, उसमें आत्महत्या की कोई वजह नहीं बनती. रामगढ़ पुलिस ने मौके से जहर की गोलियां मिलने की बात कही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है. डॉक्टरों ने रिपोर्ट तैयार होने में करीब दस दिन का समय लगने की बात कही है. परिजनों का कहना है कि महावीर जहर का सेवन नहीं करता था और उसके साथ जरूर कुछ गलत हुआ है. वहीं मामले में अधिकारियों का कहना है कि अब महावीर की अंतिम लोकेशन खंगालने के साथ ही स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह झारखंड तक कैसे पहुंचा. परिजनों को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है. परिवार ने दोबारा झारखंड जाने की बात कही है.
