
सीहोर। हिरण का शिकार करने वाले आरोपियों को सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के पीथापुरा में पकडऩे गई वन विभाग की टीम को उस वक्त लेने के देने पड़ गए जब ग्रामीणों से उनका विवाद हो गया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. जमकर पत्थर भी बरसाए गए.
आक्रोशित ग्रामीणों ने अगले दिन शुक्रवार को सिद्दीकगंज थाने का घेराव कर दिया. महिलाओं ने आरोप लगाया कि जिस समय उनके घर कोई नहीं था तब वन अमले ने शराब के नशे में धुत होकर यह घटना की. उधर वन अमले का कहना है कि ग्रामीणों ने दबाव बनाने झूठा आरोप लगाया है. पुलिस ने दोनों तरफ से क्रास केस दर्ज कर 6 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है.
पीथापुरा की रानूबाई पति जीवन सिंह डुडवे ने पुलिस को बताया कि गुरुवार रात 9.30 बजे सो गए थे. देर रात घर के दरवाजे में लात मारने की आवाज आई. देखा तो यह वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी थे. महिला का कहना था कि यह नशे की धुत में अंदर घुसे और बिस्तर, पलंग उठाकर फेंकने लगे. उनके साथ गाली-गलौज कर थप्पड़ मुक्कों से मारपीट की. पुलिस ने फरियादी रानूबाई की रिपोर्ट पर डिप्टी रेंजर छगल भिलाला, नाकेदार फैजल बर्नी, वनरक्षक विजय वर्मा और एक अज्ञात के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने का मामला कायम किया है. इस मामले में थाना प्रभारी राजूसिंह बघेल का कहना है कि ग्रामीणों और वन विभाग के अमले ने एक दूसरे के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट आदि की रिपोर्ट दर्ज कराई है. प्रकरण कायम कर लिया है. अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है.
वनकर्मियों का कहना, ग्रामीणों ने बरसाए पत्थर
वनकर्मियों का कहना है कि गत 9 सितंबर को पीथापुरा के कमल, अजय, गंगाराम और श्यामपुरा के रायसिंह को हिरण के मांस के साथ पकड़ा था. पूछताछ में इन लोगों ने कान्हा, रघुवीर के अलावा अन्य लोगों के साथ गोली मारकर हिरण का शिकार करना कबूला था. वन अमले को कान्हा, रघुवीर और दूसरे आरोपियों की तलाश थी. गुरुवार रात को इनके पीथापुरा में होने की सूचना पर वन अमला दबिश देकर गिरफ्तार करने पहुंचा. आरोप है कि उसी समय शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए लोगों ने पत्थर मारकर, गाली-गलौज करते हुए मारपीट की. पुलिस ने डिप्टी रेंजर छगन भिलाला की रिपोर्ट पर आरोपी कमल डुडवे, दयाराम, सियाराम और अन्य लोगों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया है.
