जबलपुर: हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप नटवरलाल भट्ट की एकलपीठ ने जबलपुर विकास प्राधिकरण के सेवानिवृत्त कर्मी के पक्ष में राहतकारी आदेश दिया है। एकलपीठ ने मामले में जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ व कलेक्टर जबलपुर को छह सप्ताह के भीतर आवेदक की शिकायत दूर करने के निर्देश दिए हैं। मामला कर्मचारी कोटे के भूखंड आवंटन से संबंधित है।
यह मामला याचिकाकर्ता जबलपुर निवासी देवेंद्र त्रिपाठी की ओर से दायर किया गया है। जिनकी ओर से अधिवक्ता शंभूदयाल गुप्ता व कपिल गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता जेडीए में स्टेनो के पद से सेवानिवृत्त हो चुका है। सेवा में रहने के दौरान 10 सितंबर 2010 को कर्मचारी कोटे के तहत भूखंड आवंटन का विज्ञापन निकला था। याचिकाकर्ता ने आवेदन कार्यालय में जमा कर दिया था।
याचिकाकर्ता का आफर दूसरे आवेदकों से अधिक था। इसके बावजूद उसका आवेदन दरकिनार कर दिया गया। उसके स्थान पर अपेक्षाकृत कम योग्य आवेदक को भूखंड आवंटित कर दिया गया। इस रवैये के विरुद्ध 2011 में याचिका दायर कर दी थी। जिस पर सुनवाई के बाद नोटिस जारी करते हुए महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया गया था। जिसके अंतर्गत भूखंड आवंटन विचाराधीन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन कर दिया गया था। इस वजह से वह भूखंड आज भी रिक्त है।
