गजरा–बहरा में आदिवासियों से मिलने जा रहे कांग्रेस जांच दल को रोका गया, बाद में पाँच नेताओं को मिली अनुमति

सिंगरौली। जिले के दूरस्थ सरई तहसील के गजरा–बहरा क्षेत्र में आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में पार्टी की उच्च स्तरीय जांच टीम आदिवासी ग्रामीणों से मुलाकात के लिए जा रही थी। लेकिन पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कांग्रेस नेताओं के काफिले को आधे रास्ते में रोक दिया। बाद में प्रदेश अध्यक्ष सहित पाँच सदस्यीय टीम को आगे जाने की अनुमति दी गई।

जांच दल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, हेमंत कटारे, राजेंद्र सिंह, हिना कांवरे, विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, जयवर्धन सिंह, ओमकार सिंह मरकाम, बाला बच्चन, अजय सिंह राहुल सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।

नेताओं का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझना और कंपनी के लिए वन विभाग द्वारा की जा रही कथित पेड़ कटाई की वास्तविक स्थिति का स्थल निरीक्षण करना था। जैसे ही नेताओं का काफिला आगे बढ़ा, वहां पहले से मौजूद पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया।

प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जंगल क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति देने का आग्रह किया, लेकिन प्रशासन अपने निर्णय पर अडिग रहा। इसके विरोध में कांग्रेस नेता गेट पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन कंपनी के दबाव में काम कर रहा है और जनप्रतिनिधियों को सच्चाई जानने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि जंगल की कटाई लगभग पूरी हो चुकी है और अब लकड़ी की ढुलाई का काम जारी है, जबकि स्थानीय ग्रामीण लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।

घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

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