मॉस्को, 10 दिसंबर (वार्ता) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि रूसी सेना सभी लक्ष्यों के हासिल होने तक यूक्रेन में अपना विशेष सैन्य अभियान जारी रखेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह विवाद 2022 में रूस के सैन्य आक्रमण शुरू करने से बहुत पहले ही शुरू हो गया था।
श्री पुतिन ने मंगलवार को राष्ट्रपति मानवाधिकार परिषद की बैठक में वीडियो लिंक के जरिये दोहराया “विशेष सैन्य अभियान” के घोषित उद्देश्य अपरिवर्तित हैं जिसमें स्व-घोषित डोनेट्स्क और लुगांस्क पीपुल्स रिपब्लिक के निवासियों की सुरक्षा और यूक्रेन से नाजीवाद का उन्मूलन और उसका विसैन्यीकरण शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा, “हम निश्चित रूप से इस विशेष सैन्य अभियान के लक्ष्यों की प्राप्ति तक इसे अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाएंगे।”
राष्ट्रपति पुतिन ने एक बार फिर दावा किया कि संघर्ष की जड़ें मैदान क्षेत्र में हुये विद्रोह के बाद यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में सशस्त्र बलों को तैनात करने के फैसले में निहित हैं। उन्होंने इस क्षेत्र को “ऐतिहासिक रूप से रूसी” बताते हुए कहा कि रूसी सेना हस्तक्षेप करने के लिए विवश थीं।
उन्होंने कहा, “यह लोगों के बारे में है ,जिन्होंने 2014 में यूक्रेन में हुए तख्तापलट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और उनके खिलाफ तोपखाने, भारी हथियारों, टैंकों और विमानों के साथ युद्ध शुरू हो गया। तभी युद्ध की शुरुआत हुई। हम इसे समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं और हमें ऐसा करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल करने को मजबूर होना पड़ा है।”
रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राजनयिक कोशिशों का भी स्वागत किया, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का 28 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी शामिल है। रूस ने इसे वार्ता के लिए एक संभावित आधार बताया है।
इससे पहले आठ दिसंबर को श्री ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की पर अमेरिका के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए दबाव डाला था। उन्होंने यह सुझाव भी दिया था कि यूक्रेन ने इसकी पूरी तरह से पड़ताल नहीं की है।
गौरतलब है कि रूस ने बार-बार यूक्रेन पर आरोप लगाया कि वह यूरोप के देशों के आग्रह की वजह से वार्ता में देरी कर रहा है। हालांकि रूस बातचीत के जरिये समझौता करना चाहता है, लेकिन अपने सभी उद्देश्यों के पूरा होने तक वह आगे बढ़ता रहेगा।
