भोपाल: ऐतिहासिक गौहर महल में राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह के तहत सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम ने प्रदेश की शिल्प परंपरा को नई ऊर्जा दी और विभिन्न अंचलों से आए शिल्पियों के कौशल को मंच मिला। आयोजन भारत सरकार के हस्तशिल्प और वस्त्र मंत्रालय तथा प्रदेश के हाथकरघा और हस्तशिल्प विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
समारोह में जरी, गोंड पेंटिंग, ब्लॉक प्रिंट, लकड़ी के खिलौने, जूट और कॉटन, सिरेमिक और हैंड बटिक जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले 50 से अधिक शिल्पियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव केसी गुप्ता ने कहा कि मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कलाकृतियां अब दिल्ली स्थित दूतावासों तक भी भेजी जा रही हैं और चीन के दूतावास में भी मध्यप्रदेश के शिल्पों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है।
इस मौके पर हस्तशिल्प निगम के प्रबंध संचालक और आयुक्त हाथकरघा मदन विभीषण नागर गोजे सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नृत्य की छुवन से महक उठा मंच
इस अवसर पर एमएलबी कॉलेज की नृत्य विभाग की छात्राओं ने डॉ. विजया शर्मा के निर्देशन में कथक की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। शिव-वंदना से आरंभ होकर कृष्ण-भक्ति और राम-केंद्रित गीतों पर आधारित नृत्य-शृंखला ने दर्शकों को भक्ति, भाव और लय के अद्भुत संसार में पहुंचाया। घुंघरुओं की मधुर झंकार और घूमरों की लय-लहरियों ने गौहर महल की ऐतिहासिक दीवारों में नृत्य की एक नई रोशनी भर दी। कार्यक्रम में शिल्पियों के योगदान को राज्य की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
