जबलपुर: आपका आतंकी कनेक्शन है, आपके नाम की सिम का उपयोग देश की गोपनीय जानकारी बाहर भेजने में हुआ है। यह बातें साइबर ठग ने स्वयं को एटीएस अधिकारी बताकर शहर मेें रहने वाले एक दंपत्ति को वीडियो कॉल करते हुए कहीं और वीडियो कॉल पर डराने धमकाने के साथ डि जिटल अरेस्ट किया। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुये डिजिटल अरेस्ट फ्रॉॅड से हाने वाले अर्थिक नुकसान से दम्पति को बचा लिया।
मंगलवार को सायबर सेल जबलपुर में सूचना प्राप्त हुई कि एक दम्पति को डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी जा रही है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह एवं सायबर सेल से उप निरीक्षक नीरज सिंह नेगी द्वारा तत्काल घटना स्थल पर पहुँचे। पूछताछ पर ज्ञात हुआ कि 6 दिसम्बर 2025 को सुबह लगभग 08. बजे दम्पति के पास एक कॉल आया.
जिसमें कॉलर ने स्वयं को एटीएस अधिकारी बताकर कहा कि आपका संबंध आतंकी अफजल खान से है और आपके नाम की सिम का उपयोग देश की गोपनीय जानकारी बाहर भेजने में हुआ है। कॉलर ने एक डाउनलोड करवाकर वीडियो कॉल पर दम्पत्ति को निगरानी में रखा और डराया-धमकाया कि गलत जानकारी देने पर जेल हो सकती है एवं किसी को बताने पर उन्हें आतंकियों से खतरा है।
मनी लॉन्ड्रिंग से 70 लाख आए
कॉलर ने दम्पति से उनके परिवार के सदस्यों की जानकारी, आधार नंबर, मोबाइल नंबर व बैंक खातों, एफडी और म्यूचुअल फंड से संबंधित जानकारी मांगी। फिर यह कहकर कि आपके खाते में 70 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से 70 लाख रुपये कमीशन के रूप में आए हैं, कॉलर ने उन्हें बैंक जाकर आरटीजीएस के माध्यम से राशि ट्रांसफर करने, एफडी तुड़वाने व 10 लाख रुपये स्थानांतरित करने का दबाव डाला।
व्यापक नेटवर्क की जांच शुरू
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) जितेन्द्र सिंह द्वारा स्वयं पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए दम्पति को आर्थिक नुकसान से बचाया गया। सायबर सेल की त्वरित कार्रवाई से दम्पति को ठगी और आर्थिक हानि से बचाया जा सका। इस जालसाजी के व्यापक नेटवर्क की भी जांच प्रारंभ कर दी गई है।
