![]()
रीवा। रीवा के डभौरा थाना अन्तर्गत एक वर्ष पूर्व आदिवासियों के खेत की बाड़ी तोड़ कर मारपीट किये जाने के मामले में कार्यवाही न किये जाने को लेकर पीडि़त पक्ष हाईकोर्ट की शरण ली. जहा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ए.के पालीवाल द्वारा मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक सहित अन्य को चार सप्ताह के भीतर न्यायालय में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने का आदेश पारित किया है.
मामले की पैरवी पीडि़त संजय कुमार कोल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह द्वारा की गई. बताया गया है कि 30 अक्टूबर 2024 की शाम पांच बजे डभौरा थाना अन्तर्गत कोलपरा में आरोपी नारेन्द्र कुमार दुबे, दीपेश, मंगल, शुभम, गौरव दुबे सभी निवासी डभौरा द्वारा संजय कुमार कोल, कमलेश कोल, रंजीत कोल सभी निवासी डभौरा जो कि कोलपरा जंगल में अधिया में खेत बोये थे. जहा पहुंचे आरोपियों ने गाली गलौज करते हुए बोये खेत को नष्ट कर दिया और जान से मारने की धमकी दी. जिसकी रिपोर्ट डभौरा थाने में की गई, लेकिन थाना प्रभारी द्वारा कार्यवाही नही की गई. जिसके बाद मामले की शिकायत एसपी से की गई और तत्कालीन एसडीओपी डभौरा द्वारा मौके पर जाकर घटना की जांच की गई. साथ ही फरियादी सहित अन्य के कथन लिये गये और जांच प्रतिवेेदन एसपी को प्रस्तुत किया गया. घटना प्रमाणित होना पाया गया लेकिन कोई कार्यवाही नही की गई. जिसके बाद फरियादी संजय कोल द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण ली. मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ए.के पालीवाल ने 28 नवम्बर को आदेश पारित करते हुए पुलिस अधीक्षक रीवा सहित अन्य को चार सप्ताह के भीतर उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिये है.
