छतरपुर। केन–बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव अब निर्णायक चरण में पहुंच गए हैं। छतरपुर जिले में 3 लाख 46 हजार 491 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए केन और बेतवा नदी को जोड़ने वाली मुख्य लिंक नहर पर पांच पंप स्टेशनों का जाल बिछाया जाना है। इसके साथ ही केन नदी पर बनने वाले ढोड़न बांध से 90 किलोमीटर लंबी नहर निकलेगी, जिससे जिले के हजारों किसानों को सिंचाई का स्थायी लाभ मिलेगा।
जल संसाधन विभाग ने पांचों पंप स्टेशन और ढोड़न बांध से निकलने वाली नहर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है। इन डीपीआर को केन–बेतवा लिंक प्रोजेक्ट अथॉरिटी को प्रस्तुत कर दिया गया है। अब इन प्रस्तावों पर 10 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली केंद्रीय जल आयोग की बैठक में अनुमोदन के लिए विचार किया जाएगा। यह बैठक परियोजना के अगले चरण को गति देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय स्तर की बैठक से पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार और मंगलवार को इन प्रस्तावों की समीक्षा कर सकते हैं। परियोजना से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए जा सकते हैं, ताकि आयोग के सामने मजबूत प्रस्तुतीकरण रखा जा सके।
केन–बेतवा लिंक परियोजना के तहत केन नदी पर ढोड़न बांध का निर्माण प्रमुख हिस्सा है। इस बांध के निर्माण का टेंडर पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है। हैदराबाद की नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी बांध सहित दो सुरंगों के निर्माण का कार्य कर रही है। बांध के पूरा होने के बाद नहरों का विस्तृत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना के पूरा होने पर बुंदेलखंड क्षेत्र की वर्षों पुरानी जल-संकट की समस्या काफी हद तक दूर होने की संभावना जताई जा रही है।
