
भोपाल। लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आज विधानसभा में बताया कि राज्य में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत हुई है और प्रदेश में इस सिरप की अवमानक
अपमिश्रित दवा वितरण हेतु मूलरूप से तमिलनाडु राज्य स्थित श्रीसन फार्मा जवाबदार है।
श्री शुक्ल ने परासिया से कांग्रेस विधायक सोहन लाल वाल्मीक के सवाल के लिखित जवाब में ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप की अवमानक/अपमिश्रित दवा वितरण हेतु मूलरूप से तमिलनाडु राज्य स्थित श्रीसन फार्मा जवाबदार है। कम्पनी के उत्पादों को फ्रीज कर विक्रय रोके जाने की कार्यवाही की गई। दवाओं की निर्माण प्रकिया एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु निर्माता कम्पनी जवाबदार होती है। मध्यप्रदेश में दवाइयों की जांच के लिए कुल तीन औषधि परीक्षण प्रयोगशाला कार्यशील है एवं कुल 79 औषधि निरीक्षक मध्यप्रदेश में विभिन्न जिलों में पदस्थ है। देश/प्रदेश के विभिन्न राज्यों के औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी द्वारा अनुमति प्राप्त औषधि देश भर के बाजार में विक्रय हेतु उपलब्ध रहती है, जिनकी संख्या बताया जाना संभव नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लैब की क्षमता लगभग 6500 सैम्पल प्रति वर्ष अनुसार दवाओं का टेस्ट किया जाता है। मध्यप्रदेश के अंदर इस सिरप का विक्रय एवं वितरण तमिलनाडु राज्य द्वारा प्रदत्त लाइसेंस की शर्तों के अनुरूप किया जाना अनुज्ञात है। अत: विक्रय के पूर्व प्रदेश की लैब से अनुमति प्राप्त करने का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। बाजार में उपलब्ध समस्त औषधियों में से लैब की क्षमता अनुसार सैम्पल लिये जाकर टेस्ट किये जाते है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल के लिखित जवाब में श्री शुक्ल ने बताया कि दिनांक 04 सितम्बर, 2025 से लेकर आज तक राज्य में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से कुल 24 बच्चों की मृत्यु दर्ज हुई है तथा ये घटनाएं जिले छिंदवाड़ा, पांढुर्णा एवं बैतूल में दर्ज की गई है। राज्य में स्थित ओरल लिक्विड निर्माता फर्मों की सी.डी.एस.सी.ओ. एवं राज्य के औषधि निरीक्षकों के साथ संयुक्त रूप से जाँच करवाई जा रही है। दिनांक 04.09.2025 के बाद प्रदेश भर में बिक रही अन्य सिरप एवं बाल औषधियों की जाँच भी करवाई जा रही है। बच्चों की दुःखद मृत्यु संबंधी प्रकरण में मूलरूप से जवाबदारी तमिलनाडु राज्य स्थित श्रीसन फार्मा की है, जिसकी निगरानी का दायित्व तमिलनाडु सरकार के औषधि विभाग का था।
कांग्रेस विधायक आतिफ आरिफ अकील के इसी से जुड़े सवाल के लिखित जवाब में मंत्री श्री शुक्ल ने बताया कि इलाज एवं दवाओं में लगी राशि रूपये एक करोड़ 40 लाख 60 हजार 899 रुपए का भुगतान कर दिया गया है। कोल्ड्रिफ सिरप के अमानक होने की सूचना प्राप्त होते ही उसका विक्रय तत्काल प्रभाव से रोका गया। बच्चों की दुःखद मृत्यु की जवाबदारी तमिलनाडु राज्य स्थित श्रीसन फार्मा की मूल रूप से है। जिसकी निगरानी का दायित्व तमिलनाडु सरकार के औषधि विभाग का था।
इस कफ सिरप के प्रकोप से राज्य के छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्ना के 24 बच्चों की मृत्यु हो गई थी।
