
इंदौर. खजराना क्षेत्र में देर रात लगी आग ने पूरे इलाके को दहला दिया, लेकिन घटनास्थल की जांच में सामने आया कि जहां आग भड़की, वहां अवैध रूप से पटाखे और पायरो तकनीक से जुड़ी सामग्री तैयार की जा रही थी. हादसे के अगले ही दिन प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्मित ढांचे को जमींदोज़ कर दिया.
खजराना के कालका माता मंदिर क्षेत्र के पास बुधवार देर रात आग भड़क गई, जिसकी लपटें देखते ही देखते कई टीन शेड और आसपास खड़े वाहनों को चपेट में ले गईं. आग इतनी भीषण थी कि दूर-दूर तक धुआँ छा गया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई. राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई. जब पुलिस और दमकल टीम ने आग पर काबू पाया, तो जांच में पता चला कि टीन शेडों के भीतर अवैध रूप से पटाखे और पायरो सामग्री तैयार की जा रही थी. जिस जमीन पर यह गतिविधि चल रही थी, वह एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज है, लेकिन इसका उपयोग दूसरे व्यक्ति द्वारा अवैध निर्माण और पटाखा निर्माण कार्य के लिए किया जा रहा था. हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम गुरुवार सुबह ही मौके पर पहुंच गई. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी और अन्य मशीनरी लगाकर सभी अवैध टीन शेडों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मकसद शहर में खतरनाक और गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से जन-धन की हानि न हो. टीम ने आसपास के लोगों से भी चर्चा की और अवैध रूप से पटाखा या विस्फोटक सामग्री रखने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. प्रशासन का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि शहर में जोखिम भरी गतिविधियों पर अब किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी.
