जबलपुर: डकैत बीते सालों की तरह इस साल भी पुलिस के लिए चुनौती बने रहै। पुराने आकड़ों पर अगर नजर दौड़ाई जाएं तो सन् 2015 से 2023 तक पड़ी डकैतियां पुलिस नहीं सुलझा पाई है। पुलिस पर डकैतों को पकडऩे में फिसड्डी होने का दाग लगता रहा। 2024 में पुलिस ने एक डकैती सुलझाने के साथ डकैत पकड़ लिए थे जिसके बाद फिसड्डी होने का तमगा हट गया लेकिन 2025 में डकैतों ने जबलपुर के इतिहास मेें सबसे बड़ी डकैती को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा दी थी।
इसके पहले डकैतों के लिए शहर सबसे सॉफ्ट टारगेट माना जाता था। दूसरे राज्यों के डकैत आसानी से आते थे और रैकी के बाद पुलिस को चुनौती देते हुए वारदातें कर शहर को छोडक़र फरार हो जाते थे इस बार डकैतों ने ग्रामीण अंचल में डकैती डाल दी। खितौला स्थित ईसाफ स्मॉल फायनेंस बैंक में 11 अगस्त को डकैती डालकर 14 किलो 875 ग्राम सोना और नगद 5 लाख 8 हजार रूपए लूटकर ले गए।
इस मामले में पुलिस ने तीन चार डकैत, मद्दगार पकड़े। सोना भी जब्त किया लेकिन पुलिस अब न तो पूरे आरोपी पकड़ पाई हैं और न ही पूरा सोना बरामद कर सकी है साल की विदाई करीब है और इस डकैती ने भी इस साल भी पुलिस पर सवाल खड़े कर दिए है। यह साल जबलपुर के इतिहास में हुई सबसे बड़ी चोरी के लिए जाना जायेगा।
यह डकैतियां अब भी अनसुलझी
…21 अप्रेल 2015 में रेलवे ब्रिज चार के पास रहने वाली लिज्जत पापड़ समूह की संस्थापक पुष्पा बेरी और उनके परिवार को बंधक बनाकर डकैती डाली गई।
…14 मई 2016 में नेपियर टाउन में निवासी शराब कारोबारी रामअवतार गुप्ता के घर में डकैत घुसे और लाखों का माल लूटकर फरार हो गए।
…11 नवम्बर 2016 में संजीवनी नगर इलाके में रहने वाले अधिवक्ता हर्षवर्धन शुक्ला के घर में डकैत घुसे लाखें की नगदी ले गए।
.. 07 मई 2018 में ओमती के नेपियर टाउन निवासी कलर लैब संचालक निखिल अग्रवाल के घर भी डकैती की वारदात हुई।
… 2023 में नेपियर टाउन निवासी स्पेयर पाट्र्स के कारोबारी दलवीर टुटेजा के बंगले में शनिवार-रविवार की दरमियानी डकैत घुसे और 15 तोला सोना चांदी के साथ 20 हजार की नगदी ले गए।
यह गलतियां पड़ रहीं भारी
डकैत दूसरे राज्यों, छग, यूपी-बिहार, बांग्लादेश अन्य जगहों से जबलपुर आते है और सूनसान इलाकों में रहते हुए रैकी करते है। बैंक, घरों को निशाना बनाते है। वारदात के बाद फरार हो जाते है। पुलिस की लापरवाही का फायदा अपराधी उठा रहे है। दरअसल पुलिस गश्त कमजोर है। अधिकांश अधिकारी, थाना स्टॉफ फील्ड गायब रहता है। कॉलोनियों और सूनसान इलाकों में खाकी दिखाई नहीं देती। किराएदारों, मुसाफिरों, होटलों, ढाबों, धर्मशालाओं, मुसाफिरखानों में ठहरने वालों का पुलिस के पास कोई ठोस डाटा नहीं होता है जिसके चलते दूसरे राज्यों से अपराधी पहुंचते है और आराम से रैकी कर वारदात कर फरार हो जाते है ।
ऐसी है ऐतिहासिक डैकेती
11 अगस्त 2025 को थाना खितौला, जिला जबलपुर स्थित ईसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में पांच डकैत घुसे थे। हथियारों के दम पर वह 14 किलो 875 ग्राम सोना और नगद 5 लाख 8 हजार रूपए लेकर फरार हो गए थे। मामले में पांच डकैतों की पहचान हुई। चार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके अलावा मद्दगार रईस सिंह लोधी, हेमराज सोनू, बर्मन, विकास चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया गया था। 23-24 सितम्बर को बिहार के गया जिले के डुमरिया थाना के कोलुबरा के रहने वाले जहांगीर आलम अंसारी और शेरघाटी के हरिओम ज्वेलर्स के मालिक हरिप्रसाद सोनी को गिरफ्तार किया था।
जबकि 28 सितम्बर को बिहार के गया जिले के आमस थाना के बेलखेड़ा गांव के रहने वाले गोलू पासवान को दबोचा गया गया था गोलू के एक अन्य साथी उमेश पासवान की गिरफ्तारी 19 सितम्बर को की गई थी। आरोपियों से अब तक लगभग साढ़े तीन किलो सोने जब्त हो चुका है। साथ ही दर्जनभर आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके है। डकैत बच्चू उर्फ पासवान को भ्ीा पकड़ा गया। प्रकरण में कुछ और आरोपी, बड़ी मात्रा में गोल्ड की बरामदगी अब भी बाकी है।
