नई दिल्ली, 04 दिसंबर, 2025: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में मौत की अफवाहें तेजी से फैलने से देश की सियासी हालत तनावपूर्ण बनी हुई है। ये अफवाहें तब शुरू हुईं जब उनसे जेल में मिलने की अनुमति बंद हो गई। इसके बाद खान के परिवार और पीटीआई नेताओं ने अडियाला जेल के बाहर प्रदर्शन किया और सेना पर आरोप लगाए। हालांकि, उनकी बहन की मुलाकात के बाद मौत की खबरें फिलहाल रूकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर इमरान खान को जेल के अंदर नुकसान पहुँचाने का रिस्क नहीं लेंगे। अगर इमरान की मौत होती है, तो यह ऐसा जिन्न (बड़ा मुद्दा) बन जाएगा जिसे कंट्रोल करना सेना के लिए बहुत मुश्किल होगा। मुनीर को एहसास है कि खान को खत्म करना अपनी ही ताकत को नुकसान पहुँचाने जैसा होगा।
आसिम मुनीर को पता है कि पंजाब इमरान खान की राजनीतिक ताकत का मुख्य केंद्र है। इस इलाके से किसी बड़े नेता को नुकसान पहुँचाने का खतरा वे नहीं लेंगे। इमरान खान का राजनीतिक प्रभाव सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं है, उनका बड़ा युवा और डिजिटल समर्थन उन्हें सिर्फ नेता नहीं, बल्कि विरोध का प्रतीक मानता है। विशेषज्ञों का कहना है कि उनकी हत्या से पूरे देश में भारी राजनीतिक उथलपुथल हो सकती है।

