विंध्य की डायरी
डा. रवि तिवारी
विधानसभा का शीतकालीन सत्र एक दिसम्बर से शुरू होने जा रहा है. विंध्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दे गूंजेगे. माननीय विधायको ने बिजली, सडक़ व भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल उठाते हुए शासन से जवाब मांगा है. सवालो के जवाब भी तैयार होकर सरकार के पास पहुंच गये है. कांग्रेस के सेमरिया विधायक ने कई विभागो को घेरा है. बिजली, सडक़ एवं स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे को लेकर सवाल खड़े किये है. शीत कालीन सत्र में सरकार को घेरने के लिये विधायक ने पूरी तैयारी की है. तो वही सत्ता दल के विधायको ने भी सवाल उठाने में कोई गुरेज नही किया.
मनगवां विधायक नरेन्द्र प्रजापति ने आरडीएसएस योजना के तहत किये जा रहे विद्युतीकरण के कार्य को लेकर जहा जानकारी मांगी है. वही देवतालाब विधायक गिरीश गौतम ने भी खैरा ग्राम पंचायत भवन की जानकारी मांगी है. इसी तरह मऊगंज विधायक प्रदीप पटेल ने रीवा और सीधी जिला पंचायत में उन अधिकारी-कर्मचारियों की जानकारी मांगी है जिनके विरूद्ध भ्रष्टाचार, अनियमितता व लोकायुक्त ट्रेप की कार्यवाही हुई हो. इसी तरह विंध्य के कई विधायको ने जनता से जुड़े मुद्दे उठाए है. कुल मिलाकर शीतकालीन सत्र में विंध्य क्षेत्र से जुड़े मुद्दे गूंजेगे और सरकार को जवाब देना होगा.
आडियो वायरल होते ही गिरी गाज
मऊगंज जिले में इस समय प्रशासनिक खलबली मची हुई है, हाल ही में दो इंजीनियरो के बीच हुई बातचीत का एक कथित आडियो वायरल होते ही हडकम्प मच गया. आनन-फानन कार्यपालन यंत्री और उपयंत्री को पहले नोटिस थमाया, उसके बाद निलंबन की गाज गिर गिराई गई. दरअसल बातचीत के दौरान मऊगंज कलेक्टर पर टिप्पणी करने के साथ 68 लाख रूपये के कथित घोटाले को मैनेज किये जाने की बातचीत की गई. इतना ही नही न्यायालय पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी. जिसको लेकर उपयंत्री प्रवीण पाण्डेय की संविदा समाप्त कर दी गई और दूसरे दिन आरईएस के कार्यपालन यंत्री एस.बी रावत को तत्काल प्रभाव से रीवा कमिश्नर ने निलंबित कर दिया. मऊगंज में इस समय सब कुछ ठीक ठाक नही चल रहा. एक और कर्मचारी पर कलेक्टर के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला गरमाया हुआ है.
विंध्य में ठंड के टूटे रिकार्ड
विंध्य क्षेत्र में कड़ाके की ठंड दिसम्बर और जनवरी में पड़ती है. लेकिन इस बार नवम्बर में ही कई वर्षो के रिकार्ड टूट गये. तापमान लुढक़ कर 6.5 डिग्री पहुंच गया. इस बार समूचे विंध्य में नवम्बर के महीने में हाड़ कपाने वाली ठंड पड़ी. लिहाजा हृदय रोगियो की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. कई लोग हार्ट अटैक से मौत के गाल में समा गये अस्पताल तक पहुंचने का समय नही मिला. विंध्य के इकलौते सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग में एक बेड तक खाली नही है और इधर 6 दिनो में एक हजार मरीज दिखाने पहुंचे. यह ठंड का ही असर है कि लोगो के जान पर आ गई. जबकि असल ठंड का महीना अब शुरू होने वाला है. पुराने लोग बताते है कि इस तरह कड़ाके की ठंड नवम्बर के महीने में कभी नही पड़ी. अब आगे दो महीने में तापमान कितना नीचे जाता है कुछ कहा नही जा सकता पर ठंड ने सभी रिकार्ड तोड़ दिये है.
