सारनी। पावर जनरेटिंग कंपनी की विजिलेंस टीम ने इरेक्टर हॉस्टल के रूम नंबर 8 पर छापा मारकर पावर प्लांट और सिविल विभाग से संबंधित कई गोपनीय फाइलें जब्त की हैं.
सूत्रों के अनुसार, सिविल विभाग के एक सेवानिवृत्त अधिकारी ने पिछले तीन माह से अपर एवं इरेक्टर हॉस्टल में बिना किसी आधिकारिक एंट्री के डेरा जमाया हुआ था.
बताया जाता है कि स्थानीय क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोग उनसे चोरी-छुपे मुलाकात करने आते थे। वहीं एक कर्मचारी नेता के बारे में भी आरोप है कि वह सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ मिलकर अधिकारियों को ब्लैकमेल कर पावर प्लांट के अधिकारियों से वसूली कर रहे थे.
जानकारी के अनुसार, विजिलेंस टीम हाल ही में एबी-टाइप स्थित इरेक्टर हॉस्टल में पहुंची और वहां से कई महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेज ज़ब्त किए. पावर प्लांट के अधिकारियों को इस कार्रवाई की भनक तक नहीं लग सकी.
मंडल सूत्रों का कहना है कि पावर जनरेटिंग कंपनी बनने से पहले विजिलेंस और सुरक्षा की जिम्मेदारी आईजी स्तर के अधिकारियों के पास थी, लेकिन कंपनी गठन के बाद यह जिम्मेदारी अधीक्षण अभियंता को सौंप दी गई है.
सूत्रों का यह भी दावा है कि वर्तमान में विजिलेंस विभाग एमडी के अधीन काम करता है, और एमडी के निर्देश पर ही सारनी में यह छापा डाला गया. बताया यह भी जा रहा है कि सेवानिवृत्त अधिकारी ने एमडी के खिलाफ शिकायत की थी, और इसी कारण विजिलेंस टीम ने कार्रवाई की.
