जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप के एक वितरक द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उसकी दुकान को सील करने और उसके दवा लाइसेंस को रद्द करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने कहा कि छिंदवाड़ा के जहरीले कफ सिरप से 30 बच्चों की जान जाने का मामला चौंकाने वाला था। ऐसे में इसमें शामिल व्यक्ति के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती।
जबलपुर निवासी राजपाल कटारिया ने यह अपील पेश की थी। दरअसल, हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर 2025 को कटारिया की याचिका खारिज कर दी थी, जिसे अपील के जरिए चुनौती दी गई। प्रशासन ने 31 मार्च 2025 को अपीलार्थी की दुकान को सील कर दिया था और उसका दवा लाइसेंस को रद्द कर दिया था। अधिकारियों द्वारा छापेमारी के बाद अपीलकर्ता के परिसर को सील कर दिया गया था, जहाँ उक्त दवा का भंडार पाया गया था। जिसके बाद अपीलार्थी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। न्यायालय ने अपील खारिज करते हुए कहा कि अपीलार्थी के पास राज्य सरकार के समक्ष अपील दायर करने का विकल्प मौजूद है।
