
बैतूल। ग्राम पंचायतों को तकनीकी कार्यों में होने वाली देरी और सब इंजीनियरों की मनमानी से राहत देने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षत जैन ने बड़ा कदम उठाया है।
अब एस्टीमेट, टीएस, मूल्यांकन और सीसी जारी करने जैसे सभी कार्य ई-ग्राम यंत्री एप के माध्यम से ऑनलाइन होंगे। इस तकनीकी नवाचार से पंचायतों को सब इंजीनियरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेंगे।
अब तक सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायक इन कार्यों के लिए आरईएस के सब इंजीनियरों पर निर्भर थे, जिससे कई बार कार्य लंबे समय तक लंबित रहते थे। समस्याओं को समझते हुए सीईओ अक्षत जैन ने इस एप को विकसित करवाया है। इसकी वेबसाइट भी तैयार की गई है और सभी पंचायत सचिवों व जीआरएस को प्रशिक्षण देकर यूजर आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। एप को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।
इसके लिए जिले में 48 अलग-अलग क्लस्टर बनाए गए हैं और जल्द ही सभी तकनीकी काम इसी एप के जरिये अनिवार्य रूप से किए जाएंगे। एप की खास बात यह है कि प्रत्येक रिक्वेस्ट से लेकर कार्रवाई तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दिखेगी। किसने कब आवेदन भेजा और सब इंजीनियर ने कितने समय में कार्रवाई की, यह वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी स्तरों पर देखा जा सकेगा। इससे लेटलतीफी और मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लगने का दावा किया जा रहा है। जिले की 554 ग्राम पंचायतों के सचिवों और जीआरएस के मोबाइल में एप इंस्टॉल करा दिया गया है।
