
भोपाल। शहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग अधिवक्ता ने ब्लैक मेलिंग का शिकार होते हुए अपनी जान ले ली. फांसी के फंदे पर झूले बुजुर्ग को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था. इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. बुजुर्ग के पास मिले सुसाइड़ नोट के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है.
मिली जानकारी के मुताबिक इलाके में रहने वाले 68 वर्षीय शिवकुमार वर्मा वरिष्ठ वकील थे. वर्मा ने लगातार अपनी प्रैक्टिस जारी रखे हुए थे. मंगलवार को देर शाम शिवकुमार ने अपने घर के अंदर ही फांसी लगा ली. पुलिस ने मृतक के पास से मिले सुसाइड़ नोट से यह कयास लगाया है कि वह डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुए होंगे.
मृतक के पास से मिले सुसाइड़ नोट में यह लिखा मिला कि वह अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहे हैं. एक बैंक में फर्जी खाता खुलाने और पहलगाम में आतंकी की फंडिग में मृतक का नाम आ गया है. मृतक के पास मिल सुसाइड़ नोट में यह भी जिक्र है कि उनके ऊपर देशद्रोह का आरोप लगेगा, जिसे वह बर्दास्त भी नहीं कर पाएंगे. मृतक ने अपने ईश्वर को याद करते हुए अपने बेटों के स्वस्थ होने की कामना पत्र में की है. इसके साथ ही मृतक ने सुसाइड नोट में साल 1984 में भोपाल में हुए गैस कांड में अपने कामों का भी हवाला दिया है.
पुलिस को अनुमान है कि इस फोन काल से परेशान हो कर बुजुर्ग शिवकुमार वर्मा ने फांसी लगा ली, जिससे उनकी जान चली गई. मृतक के सुसाइड़ नोट और उनके फोन पर आए नंबर की जांच पुलिस कर रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी संभव है. जहांगीराबाद थाना पुलिस ने शव का पंचनामा कराते हुए परिजनों को शव सौंप दिया है.
