
नई दिल्ली, 26 नवंबर, 2025: नेपाल में एक बार फिर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जहाँ जेन-जी (Generation Z) कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध का कारण प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के चीफ पर्सनल सेक्रेटरी आदर्श श्रेष्ठ हैं, जिन पर अपने परिवार के सदस्यों को सेक्रेटेरिएट में अवैध रूप से नियुक्त करने का आरोप है। जेन-जी नेताओं ने भाई-भतीजावाद (nepotism) और फेवरिटिज़्म का मुद्दा उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।
सिमारामें हिंसा के बाद विरोध हुआ तेज
जेन-जी नेता रक्ष्या बाम ने सोशल मीडिया पर ‘पारदर्शिता और जवाबदेही’ को अपनी मुख्य मांग बताते हुए कहा कि आदर्श श्रेष्ठ को तुरंत ऑफिस से हटा देना चाहिए। यह विरोध हाल ही में सिमारा में हुई हिंसक झड़प के बाद तेज हो गया है, जहाँ प्रदर्शन कर रहे जेन-जेड युवाओं पर सीपीएन-यूएमएल के समर्थकों ने हमला कर दिया था। इस हिंसा के बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
पीएम कार्यालय ने दी सफाई
पीएम सुशीला कार्की के कार्यालय ने एक प्रेस रिलीज जारी कर आदर्श श्रेष्ठ की नियुक्ति को पारिवारिक कारणों से जरूरी बताया है। हालांकि, जेन-जी के नेता और समर्थक लगातार अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर डटे हुए हैं। यह विरोध तब हो रहा है जब अगले साल की शुरुआत में नेपाल में आम चुनाव होने वाले हैं।
