नयी दिल्ली/हैदराबाद, 24 नवंबर (वार्ता) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी यहां राष्ट्रपति भवन में जस्टिस सूर्यकांत के भारत के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने समारोह के बाद नए नियुक्त मुख्य न्यायाधीश को एक शानदार और प्रभावशाली कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जस्टिस सूर्यकांत को राष्ट्रपति भवन में शपथ दिलाई। वह मुख्य न्यायाधीश के रूप में 9 फरवरी, 2027 तक इस पद पर रहेंगे।
जस्टिस सूर्यकांत ने स्नातक की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर पूरी की और 1984 में रोहतक के महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली। उन्होंने 1985 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट जाने से पहले हिसार जिला न्यायालय में अपनी लीगल प्रैक्टिस शुरू की थी।
जस्टिस सूर्यकांत देश की शीर्ष अदालत में कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं, जिसमें अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला, इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को रद्द करने का फैसला और पेगासस स्पाइवेयर मामले में अहम कार्रवाई और देशद्रोह कानून को निलंबित करना शामिल है।
उन्हें 7 जुलाई, 2000 को हरियाणा का सबसे कम उम्र का महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) नियुक्त किया गया। मार्च 2001 में उन्हें सीनियर एडवोकेट बनाया गया था। उन्हें 9 जनवरी, 2004 को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का जज बनाया गया था, और बाद में अक्टूबर 2018 में उन्होंने हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम किया।
