
रीवा। रीवा केन्द्रीय जेल में सजायाफ्ता बंदी को मृत बेटे का अंतिम दर्शन सुरक्षा के बीच कराया गया. जेल अधीक्षक ने अपने अधिकार क्षेत्र में बंदी को मृत बेटे का अंतिम दर्शन की अनुमति दी. लेकिन अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिये कलेक्टर कलेक्टर के यहा से अनुमति नही मिली.
दरअसल बेटे की मौत के बाद शव लेकर परिजन केन्द्रीय जेल पहुंचे थे और जेल प्रशासन से बंदी पिता को बेटे के शव का अंतिम दर्शन कराने की गुहार लगाई. जेल अधीक्षक ने मानवता का परिचय देते हुए अनुमति दी. गोबिंदगढ़ निवासी ब्रजकिशोर सोंधिया हत्या के एक मामले में सजा काट रहा है. बताया गया कि बृजकिशोर का जवान पुत्र विशाल सोंधिया जो सतना के रामपुर बघेलान स्थित अपने ननिहाल में रहता था उसकी शनिवार को करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी. हालांकि परिजनों द्वारा बेटे की मौत के बाद उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए स्थानीय जिला प्रशासन से अनुमति चाही गई थी, लेकिन 24 घंटे बाद जब अनुमति प्राप्त नहीं हुई तो परिजन बेटे का शव लेकर केंद्रीय जेल रीवा जा पहुंचे और जेल में बंद पिता को बेटे के शव का अंतिम दर्शन कराने की मांग करने लगे. हालांकि परिजनों की मांग पर जेल अधीक्षक सतीष उपाध्याय ने अपने अधिकार क्षेत्र में बंदी पिता को बेटे के अंतिम दर्शन की अनुमति दी और सुरक्षा घेरे में मृत बेटे का अंतिम दर्शन कराया गया है. अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिये जिला प्रशासन की ओर से कोई आदेश प्राप्त नही हुआ. जिसके चलते जेल प्रशासन ने अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नही दी.
