भोपाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत डिजिटल लर्निंग को मजबूत करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों से प्रोफेसरों का चयन कर उन्हें ई कंटेंट निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही प्रदेश के सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि चयनित शिक्षकों को निर्धारित तिथियों पर डिजिटल स्टूडियो में प्रैक्टिस और रिकॉर्डिंग के लिए अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त किया जाए।
स्नातक प्रथम वर्ष के विभिन्न विषयों के ई कंटेंट तैयार करने के लिए सभी संभागीय मुख्यालयों में अत्याधुनिक स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित शिक्षक अपने विषय की प्रस्तुति समय पर तैयार कर स्टूडियो पहुंचे। यदि किसी कारण से शिक्षक को कार्यमुक्त नहीं किया जाता है तो प्राचार्य को इसका कारण बताकर विभाग को सूचित करना होगा।
