
जबलपुर । मप्र उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने मंगलवार को राज्य सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। मप्र उ. न्या. अधिवक्ता संघ के सचिव पारितोष त्रिवेदी ने बताया कि इसी वर्ष विगत 4 मई को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 116 करोड़ रुपए की लागत से अधिवक्ताओं के बैठने हेतु 6 मंजिला भवन निर्माण कार्य की घोषणा कर भूमि पूजन किया था। उनके साथ इस कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी, न्यायमूर्ति एस सी शर्मा एवं उच्च न्यायालय जबलपुर के मुख्य न्यायाधिपति सुरेश कुमार कैत एवं अन्य न्यायाधिपतिगण एवं जनप्रतिनिधि के साथ साथ अधिवक्ता मौजूद थे। लेकिन आज छह माह बीत जाने के बाद भी इस दिशा में शासन की ओर से कोई सार्थक पहल नहीं की गई है। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इसमें कोई रुचि नहीं दिखा रहे है। वही इसपर शासन द्वारा मप्र उ. न्या. अधिवक्ता संघ जबलपुर के अध्यक्ष को एक पत्र लिखकर बताया गया कि कार्य की सैद्धांतिक स्वीकृति तो प्राप्त हो चुकी है, किन्तु वित्तीय अनुमति अभी तक प्राप्त नहीं है। जिसको लेकर अधिवक्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है। इस पर आगे चेतावनी देते हुए अधिवक्ता संघ ने कठोर निर्णय लेने का फैसला लिया है। इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष डी के जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, अमित जैन, राजेंद्र प्रताप सिंह, घनश्याम पांडे, मनोज सिंह, रविन्द्र बिसेन एवं अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।
