भोपाल:मध्यप्रदेश में इस बार नवंबर की ठंड ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। प्रदेश के बड़े हिस्से में लगातार कई दिनों से शीतलहर जैसी परिस्थितियाँ बनी हुई हैं। विशेष रूप से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और जबलपुर संभाग के शहर बर्फीली हवाओं से ठिठुर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल में पिछले 7 दिनों से शीतलहर की स्थिति बनी हुई है, जिससे दिनभर पारा सामान्य से नीचे बना हुआ है।
प्रदेश में आज और कल कई शहरों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि उत्तरी भारत से आने वाली तेज़ ठंडी हवाएँ और साफ आसमान रात के तापमान को लगातार गिरा रहा है। इन परिस्थितियों के कारण कई शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है।
शुक्रवार की रात शहडोल प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहाँ इस सीज़न पहली बार तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। वहीं शिवपुरी में पारा 8 डिग्री दर्ज किया गया, जो इसे दूसरा सबसे ठंडा शहर बनाता है। राजधानी भोपाल में तापमान 9.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो इस महीने के औसत से काफी कम है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ठंड उत्तरी पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का परिणाम है। पंजाब-हरियाणा की दिशाओं से आने वाली सर्द हवाएँ मध्यभारत तक प्रभाव डाल रही हैं। इसके साथ ही दिन में धूप निकलने के बावजूद हवा की ठंडक कम नहीं हो रही, जिससे विंड चिल फैक्टर तापमान को और नीचे महसूस करा रहा है।
हालांकि, राहत की खबर यह है कि 17 नवंबर से शीतलहर में कुछ ढील आ सकती है। मध्य दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी और हवाओं की गति धीमी होने की संभावना है, जिससे सामान्य जनजीवन को कुछ सहूलियत मिलेगी।
