इंदौर: लंबे समय से बुधनी में जारी किसान आंदोलन की स्थिति गंभीर होने लगी है. तबीयत बिगड़ने पर एक अनशनकारी को इंदौर के जुपिटर अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा हैं, वहीं बागली क्षेत्र के किसानों ने पहुंचकर उनका मनोबल बढ़ाया.बुधनी में रेलवे परियोजना से प्रभावित किसानों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. आमरण अनशन पर बैठे किसानों में से एक की तबीयत बिगड़ने पर उसे इंदौर के जुपिटर अस्पताल में भर्ती कराया है.
अनशन के दौरान स्वास्थ्य लगातार गिरने के बावजूद अब तक उनकी मांगों पर कोई समाधान नहीं निकलना किसानों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ा रहा है. प्रभावित किसानों को समर्थन देने के लिए बागली विधानसभा क्षेत्र के रेलवे पीड़ित किसानों का प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचा. किसान नेता हेमराज पाटीदार और धर्मेंद्र सिंह दरबार के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधियों ने अनशनरत किसानों को भरोसा दिलाया कि पूरा क्षेत्र उनके संघर्ष के साथ खड़ा है.
किसान नेता हंसराज मंडलोई ने नव भारत को बताया कि इंदौर–बुधनी रेलवे लाइन से प्रभावित किसान रवि मीणा, संतोष छानवाल और मुंशी खां पठान लगातार 60 दिनों से अनशन पर हैं. हालत बिगड़ने पर एक किसान को इंदौर लाकर भर्ती करना पड़ा, लेकिन प्रदेश सरकार ने अब तक उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया है. मंडलोई ने कहा कि किसानों को केवल उनका हक चाहिए, लेकिन सरकार की उदासीनता स्थिति को और गंभीर बना रही है.
अस्पताल में मौजूद साथियों का समर्थन पाकर रवि मीणा भावुक हो उठे और कहा कि साथियों का स्नेह ही उनकी ताकत है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक सरकार मांगें स्वीकार नहीं करती. मुलाकात के दौरान किसान रामलाल जाट, खंडेल वाले पंडितजी, दरबार सहित कई ग्रामीण मौजूद थे.
