
ग्वालियर। ग्वालियर क्राइम ब्रांच और मुरार थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर शहर की घनी बस्ती में यह कार्यवाही की। पकड़ी गई महिला पिछले एक साल से अधिक समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे ग्वालियर में रह रही थी और दो स्पा सेंटरों पर काम करती थी।
पुलिस के मुताबिक महिला उपनगर ग्वालियर के एक किराए के अपार्टमेंट में रहती थी। वह पड़ाव और हाईकोर्ट के पास स्थित स्पा सेंटरों में कार्यरत थी। उसने स्वीकार किया है कि वह एक बांग्लादेशी सहेली के साथ वेश्यावृत्ति का काम कर रही थी।
महिला ने बताया कि वह मीरपुर, ढाका, बांग्लादेश की फुकुर बस्ती से नदी और पहाड़ों के रास्ते भारत में दाखिल हुई थी। कोलकाता पहुंचने के बाद दलालों के माध्यम से वह ग्वालियर आई। उसने यह भी खुलासा किया कि भारत में घुसपैठ कराने वाला एक बड़ा रैकेट सक्रिय है, जो अवैध रूप से लोगों को सीमा पार कराकर भारत में बसाने का काम करता है। पता चला है कि ग्वालियर में रहने वाले बंगाली डॉक्टर तुषार और उसकी बांग्लादेशी पड़ोसन ने महिला को करीब 16 महीने पहले बुलाया था और अपने घर में रखा था। इसी दौरान महिला ने फर्जी आधार और पैन कार्ड बनवाकर यहां ठिकाना बना लिया। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने महिला के पास से कुछ दस्तावेज और मोबाइल जब्त किए हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रैकेट से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
विगत एक महीने में ग्वालियर पुलिस ने 10 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अक्टूबर में महाराजपुरा थाना क्षेत्र के दीनदयाल नगर से बांग्लादेश के एक ही परिवार के आठ सदस्यों को पकड़ा गया था। इसके बाद गोविंदपुरी से एक बांग्लादेशी युवती और अब एक अन्य महिला की गिरफ्तारी हुई है।
*सभी को डिटेंशन सेंटर में रखा गया*
सभी को फिलहाल पुलिस लाइन स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। 15 नवंबर को इन्हें ग्वालियर से हावड़ा ले जाया जाएगा, जहां से बीएसएफ के जरिए इन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।
*यह 8 बांग्लादेशी पकड़े गए*
मोहम्मद शरीफ (40), सीलिमा (25), रफीक (14), चुमकी, अदोरी (8), आशिक (15), रातुल शेख (23), उजा (2)
