इंदौर: बुधवार रात शहर और आसपास के इलाकों में एक के बाद एक चार जगह आग लगने की घटनाएं सामने आईं. कहीं घर में रखे सामान ने आग पकड़ी तो कहीं कचरे में धधकती लपटों ने आसपास का इलाका धुएं से भर दिया. देपालपुर क्षेत्र में तो स्थिति इतनी भयावह रही कि मंदिर में चल रहे भंडारे तक में अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, फायर ब्रिगेड की तत्परता से सभी जगहों पर आग पर काबू पा लिया.
रात करीब आठ बजे फायर ब्रिगेड को सूचना मिली कि कनाड़िया रोड स्थित सिलिकॉन पैलेस में एक मकान में आग भड़क उठी है. दमकलें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझा दी, मकान मालिक आशीष जैन बताए गए हैं, घटना में गृहस्थी का काफी सामान जलकर राख हो गया. इसी तरह देर रात करीब साढ़े तीन बजे संपत अरबिट क्षेत्र में खाली प्लॉट में पड़े कचरे में आग लग गई. धुएं का गुबार आसपास के घरों तक पहुंच गया.
टीम ने करीब दो हजार लीटर पानी डालकर आग बुझाई और हालात काबू में किए. रात दो बजे सिंहासा गांव के पास एक फैक्ट्री में आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को मिली. हालांकि, दमकल टीम के पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया था. वहीं सबसे गंभीर घटना देपालपुर के बड़ेगांव स्थित इंदौर रोड पर हुई. विजेंद्र ट्रेडिंग कंपनी की दुकान में रात करीब साढ़े आठ बजे अचानक भीषण आग भड़क उठी. दुकान में रखे नल फिटिंग, पाइप, टाइल्स और अन्य सामान जलकर खाक हो गया.
आग से लाखों रुपए का नुकसान बताया जा रहा है. वहीं समीप ही स्थित भैरव बाबा मंदिर में उस समय भंडारा चल रहा था. आग की लपटें देखकर श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई. उन्होंने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश भी की और तुरंत दुकान मालिक को सूचना दी. सूचना पर नगर परिषद की फायर गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने निजी टैंकर भी भिजवाए. स्थिति को गंभीर देखते हुए देपालपुर पुलिस ने बेटमा और गौतमपुरा नगर परिषदों से भी मदद मांगी. रात करीब 10.30 से 11 बजे के बीच संयुक्त प्रयासों से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.
