इंदौर: पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बावजूद शहर में अपराध की रफ्तार थम नहीं रही. ताजा आंकड़ों में बाणगंगा थाना इस साल भी अपराधों के मामले में नंबर वन पर बना हुआ है. वहीं इस बार चंदननगर थाने ने लसूड़िया को पछाड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल कर लिया है.इस वर्ष के दस महीनों में बाणगंगा थाने में 1494 प्रकरण दर्ज हुए हैं, जबकि चंदननगर में 1423 और लसूड़िया में 1400 केस दर्ज किए गए.
इन थानों में औसतन हर माह 140 से 150 आपराधिक प्रकरण दर्ज हो रहे हैं. शहर के 32 थानों में दर्ज अपराधों का लगभग आधा हिस्सा इन्हीं छह थानों बाणगंगा, चंदननगर, लसूड़िया, भंवरकुआं, खजराना और विजयनगर से आता है. भंवरकुआं थाने में अब तक 1208 केस, खजराना में 920 और विजयनगर में 900 केस दर्ज हुए हैं. अपराध की यह सघनता पुलिस के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है.
अपराध नियंत्रण के लिए पूर्व में बाणगंगा, लसूड़िया और भंवरकुआं थानों को विभाजित कर तीन नए थाने सुपर कॉरिडोर, महालक्ष्मी नगर और पालदा बनाने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन यह अभी तक फाइलों में ही अटका हुआ है. प्रस्ताव पर अमल नहीं होने से इन क्षेत्रों में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं. वहीं शहर के सबसे शांत थाने के रूप में सराफा थाना एक बार फिर सामने आया है. यहां इस साल अब तक केवल 132 केस दर्ज हुए हैं. रावजी बाजार में 295, एमजी रोड में 373, जबकि छोटी ग्वालटोली और उत्तरीपुरा में करीब 200-200 मामले दर्ज हुए हैं. व्यापारिक क्षेत्रों में रहवासी संख्या कम होने से इन इलाकों में अपराधों का ग्राफ नीचे बना हुआ है.
दो टीआई का प्रयोग भी बेअसर
बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कुछ समय पहले लसूड़िया और विजयनगर थानों में दो-दो टीआई तैनात करने का प्रयोग किया था. दोनों स्थानों पर महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन आंकड़ों से पता चलता है कि इस कदम से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले. वहीं पुलिस के सूत्र बताते हैं कि अब कुछ अन्य थानों में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है
