नयी दिल्ली 08 नवम्बर (वार्ता) नौसेना इस वर्ष अपना स्थापना दिवस केरल की मशहूर बीच शंगुमुधम पर मनायेगी जहां नौसैनिक दुर्जेय युद्ध क्षमताओं , प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता और संचालन कौशल के साथ देश की समुद्री ताकत का प्रदर्शन करेंगे।
नौसेना हर वर्ष चार दिसम्बर को अपना स्थापना दिवस मनताी है और इस बार यह आयोजन तिरूवनंतपुरम में किया जा रहा है।
नौसेना के प्रमुख अत्याधुनिक युद्धपोत इस दौरान समुद्र में अपनी ताकत तथा क्षमता का प्रदर्शन करने के साथ ही रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता का भी नमूना पेश करेंगे। साथ ही नौसेना लड़ाकू विमान भी अपनी मारक क्षमता का जौहर दिखायेंगे। इस दौरान लोगों को नौसेना की ऑपरेशन सिंदूर के दौरान की तैयारियों और प्रतिरोधक क्षमता की झलक भी दिखाई जाएगी।
नौसेना दिवस का तिरुवनंतपुरम में मनाया जाना प्रमुख नौसैनिक स्टेशनों के अलावा अन्य स्थानों पर इसके आयोजन की नीति का हिस्सा है। इससे पहले, यह ओडिशा के पुरी और महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में आयोजित किया जा चुका है। यह भव्य आयोजन देशवासियों को नौसेना के अभियानों के विभिन्न पहलुओं को देखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।
इस दौरान नौसेना के अत्याधुनिक प्लेटफार्म हिंद महासागर क्षेत्र में एक ‘पसंदीदा सुरक्षा भागीदार ‘ के रूप में उसके संकल्प को प्रदर्शित करेंगे जो महासागर (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक तथा समग्र उन्नति) के व्यापक दृष्टिकोण पर आधारित हैं। समारोह में नौसेना की दुर्जेय युद्ध क्षमताओं, प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता और संचालन तत्परता को प्रदर्शित करने के साथ-साथ देश की बढ़ती समुद्री ताकत और आत्मनिर्भरता को भी दिखाया जाएगा।
इस प्रदर्शन में अग्रिम पंक्ति के प्लेटफार्मों द्वारा समन्वित युद्धाभ्यास प्रदर्शित किए जाएंगे जो नौसेना की समुद्री क्षेत्र में शक्ति और सटीकता की क्षमता का प्रतीक होंगे। इस दौरान सतह, उप-सतह और हवाई प्लेटफार्म के निर्बाध समन्वय की झलक भी दिखाई देगी।
समारोह में आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को दर्शाते हुए रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतिनिधित्व करने वाले कई स्वदेशी प्लेटफार्म का जल्वा देखने को मिलेगा। ये प्लेटफार्म आधुनिक, तकनीकी रूप से उन्नत और भविष्य के लिए तैयार समुद्री बल बनाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ के तहत नौसेना के निरंतर प्रयासों का प्रतीक हैं। यह समारोह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान प्रदर्शित नौसेना की तैयारी और प्रतिरोधक क्षमता को भी उजागर करेगा जो सटीकता, गति और प्रभुत्व के साथ हमला करने की उसकी क्षमता की पुष्टि करता है। यह प्रदर्शन भारतीय नौसेना के वीरों के पेशेवर कौशल, अनुशासन और साहस को श्रद्धांजलि होगा जो देश की संप्रभुता और समुद्री हितों की रक्षा करते हैं।

