एम्स में नहीं है कैंटीन की सुविधा, मरीज होते हैं परेशान

भोपाल। प्राइवेट अस्पतालों से बचकर सरकारी अस्पतालों में मरीज ईलाज को तो पहुंच रहे हैं. लेकिन शहर के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में मरीजों के खाने पीने के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है. परिसर में एक कैंटीन है जिसमें केवल स्टाफ के खाने की व्यवस्था है। वहीं एक पार्लर और एक कैफे उपलब्ध हैं जिसमें केवल पैकेट के सामान ही उपलब्ध हो पाते हैं. ऐसे में दूर दराज से इलाज कराने आये मरीजों और उनके साथ वालों को परिसर के बाहर जाकर अपने खाने का बंदोबस्त करना पड़ता है. जिसमें बाहर के मनमाने मूल्य और लो क्वालिटी के कारण मरीजों का स्वास्थ्य ख़राब होने का डर भी सताता है। अस्पताल में ईलाज कराने आई सुमन देवी ने बताया कि उनकी बहन यहां पर एडमिट है, उन्हें तो खाना मिल जाता है, लेकिन हम लोगों को काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है. अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है. बाहर से ही खाना लाना पड़ता है उसकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं रहती है. वही दूसरी तरफ अन्य मरीज पंकज कुमार ने बताया कि अपनी पत्नी को दिखाने के लिए जबलपुर से आये हैं। सुबह से शाम के 4 बज रहे हैं.अभी टेस्ट भी नहीं हो पाए हैं, यहां खाने की सुविधा होती तो बार बार बाहर नहीं जाना पड़ता।

अस्पताल के फ्रंट में ही हमारे पास जगह उपलब्ध है. इसके लिए हमने सीएसआईआर से बजट की मांग भी रखी है. जैसे ही बजट आवंटन होगा हम इस ओर कार्य करके कैंटीन की सुविधा लोगों को देंगे। जिसमें करीब 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी।

संदेश जैन, डिप्टी डायरेक्टर, एम्स भोपाल

 

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