संगठन के अनुशासन पर भारी नेताओं की आपसी खींचतान

महाकौशल की डायरी

अविनाश दीक्षित

भारतीय जनता पार्टी महानगर की कार्यकारिणी की घोषणा में हो रही देरी को लेकर अब संगठन के भीतर ही चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कोई इसे स्थानीय दिग्गजों के बीच आपसी खींचातानी होना तो कोई इसे अपने चहेतों को उपकृत कराने की लड़ाई में वर्चस्व दिखाने की जिद की बात कहते नजर आ रहे हैं। वहीं पार्टी के सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि संगठन का शीर्ष नेतृत्व फूंंक-फूंककर कदम रख रहा है क्योंकि हाल ही में उज्जैन, इंदौर की भाजपा कार्यकारिणी घोषित तो कर दी गई लेकिन उसके बाद जो हुआ उसने पार्टी के अनुशासन के दंभ को दरकिनार कर दिया.. हुआ यूं कि घोषणा के बाद संगठन के ही कार्यकर्ताओं का ऐसा आक्रोश फूटा कि उन्होनें नगर अध्यक्ष की फोटो पर कालिख पोत दी और उनका पुतला तक फूंक डाला। इसलिए अब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अन्य जिलों में कार्यकारिणी की घोषणा के लिए काफी मंथन कर रहा है। खबर है कि जबलपुर भाजपा कार्यकारिणी की सूची नगर अध्यक्ष ने बनाकर शीर्ष नेतृत्व को सौंप दी है मगर कुछ अहम पदों को लेकर संगठन पदाधिकारियों के बीच सहमति नहीं बन रही है और अंदर ही अंदर विरोध भी पनप रहा है। इस पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन विरोध का स्वर उठाने वालों को साधने की जुगत में भी जुटा है जिससे सार्वजनिक रूप से पार्टी के अनुशासन की छवि पर कोई विपरीत असर जबलपुर में न पड़े। उधर संगठन के ही कुछ चर्चित नेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर कहा है कि नगर भाजपा में अब पहले जैसा अनुशासन नहीं रहा है और गुटबाजी इस कदर हावी हो चुकी है कि सभी को अपना वर्चस्व दिखाना सबसे पहले पसंद आ रहा है। राजनैतिक सूत्रों की माने तो आने वाले एक सप्ताह के अंदर भाजपा नगर की कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया जाएगा और इस सूची में तय नामों के विरोध को नियंत्रित करने की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। ये कहना गलत नहीं होगा कि पहले भी भाजपा नगर में किसी सूची को लेकर विरोध नहीं हुआ हो, हालांकि बाद में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा फिर स्थितियां काबू में कर ली जा चुकीं हैं।

 

जब स्टिंग ऑपरेशन ने खोल दी कलई….

 

संभाग के सबसे बड़े नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल के इतिहास में जो आज तक नहीं हुआ वो हाल ही में होता हुआ देखा गया… वजह सालों से अस्पताल में सक्रिय दलालों के खिलाफ गढ़ा पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज होना और फिर 3 आरोपियों को जेल तक का सफर तय कराना..। यद्यपि इसके पहले कई बार खून के दलाल मेडिकल अस्पताल परिसर में पकड़े गए लेकिन थाना से मामूली धाराओं के तहत रस्मअदायगी की कार्रवाई के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता रहा है लेकिन इस बार दलालों को जेल तक का सफर तय करना पड़ा है। मामले का भंडाफोड़ मप्र थैलेसिमिया जनजागरण समिति के पदाधिकारियों ने स्टिंग ऑपेरशन कर किया, जिसके बाद खून बेचने वाले दलालों ने सिर पकड़ लिया और तमाम सबूतों के आधार पर पुलिस को धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत इन दलालों पर एफआईआर करनी पड़ी। उधर मेडिकल अस्पताल परिसर में मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर 3 हजार से 10 हजार रुपए तक में खून बेचने वाले अन्य दलालों के खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। चर्चाएं अब ये हैं कि स्टिंग ऑपरेशन ने खून के दलालों का इतिहास बदल दिया है क्योंकि हर बार ये बचकर निकल जाते थे लेकिन अब निकलना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है। खून के दलालों ने जो अमानवीयता दिखाई उसकी सजा शुरू हो गई है परन्तु इसके साथ ही मेडिकल प्रशासन की व्यवस्थाओं की कलई भी खुल गई है।

Next Post

PM मोदी 8 नवंबर को 4 नई वंदे भारत ट्रेन करेंगे लॉन्च: बनारस-खजुराहो सहित इन रूटों पर बढ़ेगी कनेक्टिविटी 

Fri Nov 7 , 2025
नई दिल्ली, 07 नवम्बर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से दो दिवसीय दौरे पर काशी (वाराणसी) आ रहे हैं। इस दौरान पीएम 8 नवंबर को वाराणसी में चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इन ट्रेनों के माध्यम से भारतीय रेल के सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत […]

You May Like