एनसीसी कैंप से लौटी नाबालिग छात्राओं को देर रात बिना महिला सुरक्षा कर्मी के छोड़ा गया, अभिभावकों ने की जांच की मांग

मंडला। एनसीसी कैंप रांझी जबलपुर से लौट रहीं बीजाडांडी क्षेत्र की तीन दर्जन से अधिक आदिवासी नाबालिग छात्राओं को देर रात करीब 4:30 बजे बस से उतार दिया गया। अभिभावकों का आरोप है कि छात्राओं को पुरुष ड्राइवरों के साथ बिना किसी महिला सुरक्षा कर्मी या शिक्षिका की मौजूदगी में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बीजाडांडी के सामने छोड़ा गया।

जानकारी के अनुसार, छात्राएं बीजाडांडी स्थित कन्या शिक्षा परिसर और उत्कृष्ट विद्यालय की हैं जिन्हें एक सप्ताह पहले एनसीसी कैंप में ले जाया गया था। मंगलवार-बुधवार की रात जब छात्राओं को वापस लाया गया तो देर रात उन्हें स्कूल के सामने उतारकर बस रवाना हो गई। कुछ छात्राओं ने फोन कर अपने परिजनों को बुलाया, जबकि दूरस्थ गांवों की छात्राओं के घर पहुँचने को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।

अभिभावकों ने कहा कि इतनी रात में नाबालिग छात्राओं को छोड़ना गंभीर लापरवाही है। एक अभिभावक ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए जिले के कलेक्टर और मुख्यमंत्री को टैग कर कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच, सहायक आयुक्त वंदना गुप्ता ने कहा कि सभी छात्राओं को महिला शिक्षकों की निगरानी में रात्रि चार बजे जबलपुर से लाया गया और सुबह 5:20 बजे बीजाडांडी में छोड़ा गया, जहाँ पर अभिभावक मौजूद थे।

वहीं, वीडियो बनाने वाले अभिभावक का कहना है कि जब वे पहुंचे तब कोई महिला अधिकारी या शिक्षिका नहीं थी।

कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।

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