रीवा:बसामन मामा गौवंश वन्य विहार जिले का सबसे बड़ा गौ संरक्षण केंद्र है जहां हजारों की संख्या में गौवंश संरक्षित हैं. अब बसामन मामा गौवंश वन्य विहार प्राकृतिक खेती का शोध व प्रशिक्षण केंद्र भी बन गया है जहां किसान प्राकृतिक खेती के गुण सीख रहे हैं. उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने प्राकृतिक खेती के संबंध में किसानों को दिए जाने वाले पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ किया.उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन व परिवार के स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिए प्राकृतिक खेती आवश्यक है. विकसित भारत व विश्वगुरु भारत का सपना तभी पूर्ण होगा जब स्वस्थ भारत होगा.
उन्होंने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य बिहार की ढाई एकड़ जमीन आर्ट ऑफ लिविंग के प्राकृतिक खेती करने वाले प्रशिक्षकों को उपलब्ध कराई गई है जहां वह किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण देकर उस जमीन में प्राकृतिक खेती से फसल उपजाकर किसानों को के सामने प्रस्तुत करेंगे. किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर इसे अपनाएं. श्री शुक्ल ने कहा कि किसानों को अपने पास उपलब्ध भूमि में से कुछ भाग में प्राकृतिक खेती करनी चाहिए ताकि यह चर्चा बने कि रीवा जिले के किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ गए हैं और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में रीवा देश में अग्रणी जिला बने. श्री शुक्ल ने कहा कि आगामी दिसंबर माह में वृहद किसान सम्मेलन का आयोजन बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में होगा जहां प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया जाएगा.
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण का प्रचार-प्रसार भी करें ताकि अन्य किसान भी इससे प्रेरणा ले सकें. उन्होंने बताया कि मैंने स्वयं भी अपनी पैतृक भूमि के पाँच एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की शुरुआत की है. उन्होंने कहा कि रासायनिक के उपयोग से जमीन काफी कठोर हो गई है. यदि समय पर हम सचेत नहीं हुए तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. इसलिए आवश्यक है कि प्राकृतिक खेती की तरफ लौटा जाए. उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग श्री श्री रविशंकर जी के संस्थान को देश में प्राकृतिक खेती के बेहतर प्रशिक्षक के तौर पर जाना जाता है. इस अवसर पर स्टेट क्वार्डिनेटर आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षण केंद्र के संजय त्रिवेदी ने किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण व लाभ के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि तीन दिन तक प्रशिक्षण में किसानों को इसके विषय में बताया जाएगा.
तदुपरांत दो दिन खेत में किसानों को जानकारी दी जाएगी. मनोज शर्मा ने भी प्राकृतिक खेती के गुण व प्रशिक्षण के संबंध में बताया. इस अवसर पर अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, पूर्व संयुक्त संचालक पशुपालन विभाग डॉ. राजेश मिश्रा, अमित अभय रामदास जी, एसडीएम दृष्टि जायसवाल, उपसंचालक पशुपालन विभाग डॉ. डीपी सिंह, राजेश यादव, केके गर्ग, सीईओ जनपद हरिश्चंद्र द्विवेदी, चंद्रशेखर बघेल, हिमांशु भट्ट, अक्षय जी, श्रीमती भारती बघेल, अम्बरीश खंडेलवाल, सहित कृषि, आत्मा परियोजना व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, ग्राम सुधार समिति एवं गोफार्म समिति के सदस्य व कृषक उपस्थित रहे.
