
कुरावर। बीते तीन माह से कुरावर नगर की नलजल योजना बंद है. काफी प्रयासों के बाद भी नलजल योजना चालू नहीं होने के बाद आखिरकार आज सोमवार को नपाध्यक्ष प्रतिनिधि द्वारा भोपाल में धरना प्रदर्शन किया जाएगा.
गौरतलब है कि नगर परिषद में पिछले तीन महीनों से बंद पड़ी नल-जल (जल आवर्धन) योजना को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि बाला प्रसाद चंद्रवंशी ने कहा है कि वह इसको लेकर अब भोपाल में धरना प्रदर्शन करेंगे. आज सोमवार को वह भोपाल स्थित एमपीयूडीसी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे.
उनका कहना है कि योजना के क्रियान्वयन में अधिकारियों की लापरवाही और ठेकेदार कंपनी की अनदेखी के कारण नगरवासियों को लंबे समय से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
लापरवाही बरतने वालो पर हो कार्यवाई
अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री चंद्रवंशी का कहना है कि जब तक योजना चालू नहीं की जाती है और इसमें लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तब तक हमारा धरना जारी रहेगा.
उन्होंने बताया कि यह योजना वर्ष 2016 में शुरू हुई थी, जिसे 850 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन 8 वर्ष बाद भी कार्य अधूरा है. योजना के तहत कुंवर चैन सिंह डेम से कुरावर नगर को पानी आपूर्ति की जानी थी मगर मोटर पंप और पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से पिछले तीन माह से जलापूर्ति ठप्प है.
योजनांतर्गत मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा रियान वॉटर टेक प्राइवेट लिमिटेड कोलकाता को टेंडर दिया गया है जिसे 3 टाउन में पूरे करना था. इन 3 टाउन में कुरावर, बोड़ा और कोटरी (आष्टा) सीहोर में जलप्रदाय योजना (1 ए) शामिल है पूरी योजना के लिए 37,02,65,859.90 की राशि खर्च कि जा रही है. दस साल तक कंपनी मेंटेनेंस करेगी जिसके लिए 15 करोड़ रुपए रहेंगे शेष राशि निर्माण में लगेगी. कुरावर के लिए नरसिंहगढ़ तहसील के ग्राम कुंवर कोटरी के समीप स्थित कुंवर चैन सिंह बांध से नगर के प्रत्येक घर में शुद्ध पानी सप्लाई करना है.
श्री चंद्रवंशी का कहना है कि कंपनी द्वारा योजना को नगर परिषद को हैंडओवर किए जाने की बात भ्रामक और असत्य है.
नगर परिषद द्वारा जल आवर्धन योजना को हैंडओवर नहीं किया गया है. अभी 70 प्रतिशत ही कार्य पूरा हुआ है. सडक़ और नालियों को क्षतिग्रस्त किया गया लेकिन आज तक मरम्मत नहीं की गई.
उन्होंने कहा कि नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा के नेतृत्व में अध्यक्ष प्रतिनिधि और पार्षदों का दल एमपीयूडीसी कार्यालय गया था, लेकिन अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
