भोपाल: मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर राजधानी में प्रदेश की लोक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत अपने पारंपरिक अंदाज में किया। ढोल, मृदंग, मांदर और बांसुरी की मधुर ध्वनियों के साथ कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करते हुए ऐसा माहौल बनाया कि पूरा सभागार लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर हो गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों के इस स्नेहपूर्ण स्वागत को आत्मीयता से स्वीकार किया और उनके साथ कुछ समय व्यतीत कर उनकी कला और परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति हमारी पहचान है, जो गांव-गांव की मिट्टी में रची-बसी है। कलाकार हमारे सांस्कृतिक दूत हैं, जो अपने संगीत और नृत्य से प्रदेश की आत्मा को जीवंत रखते हैं।”
इस दौरान मंच पर मालवा, बुंदेलखंड, निमाड़, गोंडवाना और बघेलखंड अंचलों की झलक देखने को मिली। रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य-गीतों के माध्यम से अपनी क्षेत्रीय पहचान को गर्व से प्रस्तुत किया।
